मंडी: हिमाचल प्रदेश में इन दिनों लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने स्थानीय लोगों की जिंदगी को काफी प्रभावित किया है। खासतौर पर बिजली की आपूर्ति बुरी तरह बाधित हुई है। 9 मील (पंडोह) इलाके में 132 केवी की डबल सर्किट एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज लाइन (बिजनी-लारजी-कांगू) का एक टावर पूरी तरह से तबाह हो गया। यह लाइन मंडी के 132/66/33/11 केवी बिजनी सबस्टेशन और पूरे मंडी डिवीजन के लिए मुख्य बिजली स्रोत थी, जो अब पूरी तरह से बंद पड़ी है।
इस वजह से मंडी और आसपास के इलाकों में बिजली की किल्लत हो गई है। फिलहाल, अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। शानन-बिजनी 66 केवी लाइन और 33 केवी की रत्ती-मेडिकल कॉलेज-बडसू-बिजनी लाइन के जरिए बिजली पहुंचाई जा रही है। लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं होती। बिजनी के पास लवांडी नाले के आसपास लगातार भूस्खलन हो रहा है और पेड़ गिर रहे हैं, जिससे शानन-बिजनी 66 केवी लाइन भी बार-बार खराब हो रही है। इसके चलते उपभोक्ताओं को समय-समय पर बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत बोर्ड के अधिकारियों ने इस स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय लोगों से सहयोग मांगा है। उन्होंने मंडी शहर और उसके आसपास के इलाकों जैसे मझवार, गुटकर, बैहना, सौली खड्ड, तल्याहड़, कैहनवाल, गोखरा, साइगलू, कोटली, भरगांव, बीर, बारी, बिजनी, दरंग धनोग, छिपनु, खलियार, पुरानी मंडी, जेल रोड, टारना, सेरी बाजार, मंगवाईं, कटिंडी, कमांद, कटौला, बागी, बाथेरी और आईआईटी कमांद के सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे धैर्य रखें और विभाग का सहयाेग करें।
मंडी विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि उनकी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि लोगों को 24 घंटे बिना रुकावट बिजली मिल सके। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त 132 केवी लाइन की मुरम्मत का काम युद्ध स्तर जारी। मौसम की चुनौतियों के बावजूद इसे ठीक करने में करीब एक हफ्ते का समय लग सकता है।








