डेस्क: गुजरात के जामनगर शहर में गणेश चतुर्थी के पर्व के दौरान एक बेहद दुखद घटना घटी। गणेश प्रतिमा के विसर्जन के समय एक परिवार के तीन सदस्याें की तालाब में डूबने से माैत हाे गई। इस घटना से पूरे इलाके में मातम छा गया।
मृतकाें की पहचान 36 वर्षीय प्रितेश रावल और उनके दो बेटों, 16 साल के संजय तथा 4 साल के अंश के रूप में हुई है। ये सभी जामनगर के रामेश्वर नगर इलाके में रहते थे। बताया जा रहा है कि रविवार दोपहर के समय प्रितेश अपने दोनों बेटों को साथ लेकर तालाब पर गणेश जी की मूर्ति विसर्जित करने गए थे। विसर्जन की प्रक्रिया के दौरान वे तीनों अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए और बाहर निकलने में असफल रहे। आसपास के लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई के कारण वे कुछ नहीं कर सके।
घटना की खबर मिलते ही जामनगर नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद तीनों के शवों को तालाब से बाहर निकाला जा सका। स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। इस हादसे से परिवार वाले सदमे में हैं और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
बता दें कि जामनगर नगर निगम ने गणेश चतुर्थी के माैके पर शहर में विशेष रूप से सुरक्षित कुंड बनवाए थे, जहां लोग बिना किसी खतरे के मूर्तियां विसर्जित कर सकें। निगम ने लोगों से बार-बार अपील की थी कि वे खुले तालाबों या नदियों के बजाय इन सुविधाओं का इस्तेमाल करें, क्योंकि खुले तालाबों या नदियों में डूबने का जोखिम ज्यादा रहता है। फिर भी कई लोग पुरानी परंपराओं को निभाने के चक्कर में तालाबों का रुख करते हैं, जिससे ऐसी दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
पुलिस और प्रशासन ने अब लोगों से फिर अपील की है कि वे सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नगर निगम के बनाए कुंडों का ही उपयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। इस हादसे ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है कि धार्मिक उत्साह में सुरक्षा को नजरअंदाज न करें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को उजाड़ सकती है।








