हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर में मंगलवार की शाम ऐसा अमंगल हाे गया, जिसने सभी काे झकझाेर कर रख दिया है। जंगम बाग की बीबीएमबी कॉलोनी में रहने वाले लोगों को क्या पता था कि प्रकृति का एक भयावह रूप उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल देगा। अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा, जिसने पलक झपकते ही दो घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
यह कुदरती आपदा इतनी भीषण थी कि घरों में मौजूद 5 लोग मलबे के ढेर तले दब गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग जान बचाने के लिए बदहवास होकर भागते हुए नजर आए। हर तरफ दहशत और खौफ का साया मंडरा रहा था।
जब बचाव कार्य शुरू हुआ तो एक बेहद दर्दनाक मंजर सामने आया। एक परिवार की 30 वर्षीय मां भारती और उसकी नन्ही 3 साल की बेटी कीरत, जो कुछ देर पहले शायद अपने घर में भविष्य के सपनों को बुन रही होंगी, उनकी जिंदगियां इस आपदा में हमेशा के लिए खत्म हो गईं। उनके शव मलबे से निकाले गए, जिसने हर किसी को हिला कर रख दिया। वहीं घर की मालकिन 70 वर्षीय शांति देवी का शव भी मलबे से निकाल लिया गया है।
अभी भी मलबे के ढेर में 2 और जिंदगियां फंसी होने की आशंका है। गुरप्रीत उर्फ साेनू सिंह जोकि एक प्राइवेट बस ड्राइवर है और उसकी मां सुरेंद्र काैर अभी मलबे में दबे हुए हैं। इन दोनों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए हर कोई प्रार्थना कर रहा है।
प्रशासन की टीमें, स्थानीय लोग और स्वयंसेवी संगठन मिलकर काम कर रहे हैं। जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबे को हटाने का काम लगातार जारी है। रात के अंधेरे में भी सर्च ऑप्रेशन थमा नहीं है, हर पल इस उम्मीद में कि शायद कोई चमत्कार हो जाए और बाकी दबे हुए लोगों को सकुशल बाहर निकाला जा सके।
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