अगर आप शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करते हैं तो अब थोड़ा और सावधान हो जाइए। आपकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस विभाग ने एक ऐसा हाईटैक पहरा बिठा दिया है, जिससे बच पाना लगभग नामुमकिन होगा। अब इस हाईवे पर आपकी हर छोटी-बड़ी गलती पर ‘तीसरी आंख’ की पैनी नज़र होगी।
पुलिस ने भराड़ी के पास दधोल कस्बे में इंटैलिजैंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमस) के तहत 7 अत्याधुनिक कैमरे लगा दिए हैं। ये सिर्फ सामान्य सीसीटीवी नहीं हैं, बल्कि ये इतने स्मार्ट हैं कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होते ही खुद-ब-खुद उसे पकड़ लेंगे। जैसे कि बिना हैल्मेट बाइक चलाना, बिना सीट बैल्ट कार चलाना, बाइक पर ट्रिपल राइडिंग, गाड़ी में ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और गलत तरीके से ओवरटेक करना और माेबाइल बात करते हुए गाड़ी चलाना, ये सब हरकतें इन कैमराें में रिकाॅर्ड हाेंगी।
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब आपको ट्रैफिक पुलिस कर्मी मौके पर नहीं रोकेंगे। जैसे ही आप किसी नियम को तोड़ते हुए कैमरे की नजर में आएंगे, आपका चालान स्वचालित रूप से कट जाएगा। यह चालान सीधे आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भेजा जाएगा और इसकी एक कॉपी आपके घर के पते पर भी पहुंचेगी। यह पूरी प्रक्रिया जिला मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से नियंत्रित होगी, जिससे पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इस हाईवे पर रोजाना हज़ारों गाड़ियां गुज़रती हैं और नियमों की अनदेखी के कारण अक्सर दर्दनाक हादसे होते हैं। हैल्मेट-सीट बैल्ट न लगाना, तेज रफ्तार और गाड़ी चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह बनते हैं। पुलिस का मानना है कि इन कैमरों के डर से लोग नियमों का पालन करेंगे और सड़क पर अनुशासन लौटेगा, जिससे कीमती जानें बचाई जा सकेंगी।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब पुलिस ने इस तकनीक का सहारा लिया है। इससे पहले जिले में फोरलेन और घुमारवीं बाजार में भी ऐसे ही स्मार्ट कैमरे लगाए जा चुके हैं, जिनके बहुत अच्छे नतीजे सामने आए हैं। उन जगहों पर ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। अब दधोल में इन कैमरों के लगने से घुमारवीं से हमीरपुर, धर्मशाला, लदरौर और शिमला जाने वाले रास्तों पर भी कड़ी निगरानी हो सकेगी।
इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि दधोल में इंटैलिजैंट ट्रैफिक मैनेजमैंट सिस्टम के कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं। जल्द ही ये पूरी तरह से काम करना शुरू कर देंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जिले के अन्य दुर्घटना संभावित और ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों की भी पहचान की जा रही है, जहां भविष्य में ऐसे ही कैमरे लगाए जाएंगे।








