सिरमौर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन ने एक और कड़ा कदम उठाया है। शिलाई विधानसभा क्षेत्र की नाया पंजौड़ पंचायत में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद पंचायत प्रधान को उनकी कुर्सी गंवानी पड़ी है।
शनिवार देर शाम सिरमौर की उपायुक्त (डीसी) प्रियंका वर्मा ने बड़ा फैसला लेते हुए नाया पंजौड़ पंचायत के प्रधान लायक राम को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। लायक राम पर पंचायत के विकास कार्यों के लिए आए करीब 6 लाख 43 हजार रुपए के गबन का गंभीर आरोप था, जो जांच में सही पाया गया।
उपायुक्त ने अपने आदेश में साफ कहा है कि लायक राम को अपने पद के कर्तव्यों का पालन करने में गंभीर कदाचार का दोषी पाया गया है। ऐसे मे लायक राम को तुरंत प्रधान पद से हटा दिया गया है। वह अगले 6 वर्षों तक पंचायत के किसी भी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। उन्हें गबन की गई पूरी राशि (6 लाख 43 हजार 969 रुपए) तुरंत पंचायत के खाते में जमा कराने का सख्त आदेश दिया गया है। प्रधान पद की मुहर, नकदी, पंचायत के सभी रिकॉर्ड और अन्य सरकारी सामान को तुरंत पंचायत सचिव को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार प्रधान लायक राम के खिलाफ लंबे समय से सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में पाया गया कि उन्होंने विकास कार्यों के लिए आबंटित धनराशि का सही इस्तेमाल नहीं किया और वित्तीय अनियमितताएं कीं। पूरी जांच-पड़ताल के बाद जब आरोप सिद्ध हो हुए तो उपायुक्त ने यह कड़ा एक्शन लिया। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।








