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हिमाचल: जन्मदिन पर दुनिया काे अलविदा कह गया HRTC का ये ‘सारथी’, परिवार पर टूटा दुखाें का पहाड़

घर में जन्मदिन की खुशियों की तैयारी थी। केक कटना था, परिवार को साथ मिलकर जश्न मनाना था, लेकिन किसे पता था कि विधाता ने कुछ और ही लिख रखा है। जिस जन्मदिन का पूरा परिवार बेसब्री से इंतजार कर रहा था, वही दिन उनके लिए जीवन भर का दुख लेकर आया।

हम बात कर रहे हैं कि उपमंडल करसोग के बिहाल गांव के रहने वाले एचआरटीसी के ड्राइवर सुधीर ठाकुर की, जिन्हें लोग प्यार से ‘मोलू’ कहकर बुलाते थे। रविवार को उनका जन्मदिन था। वह दिल्ली से शिमला तक एचआरटीसी की बस चलाकर आए और फिर शिमला से करसोग जाने के लिए दूसरी बस में बैठ गए। घर पर उनकी दो बेटियां और परिवार के अन्य सदस्य उनके आने का रास्ता देख रहे थे, ताकि सब मिलकर उनका जन्मदिन मना सकें।

बस करसोग बस अड्डे पर पहुंची। एक-एक कर सभी सवारियां उतर गईं, लेकिन सुधीर ठाकुर अपनी सीट से नहीं उठे। जब कंडक्टर ने उन्हें जगाने की कोशिश की, तो उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। अनहोनी की आशंका से घबराए साथी ड्राइवर और कंडक्टर उन्हें तुरंत करसोग के सिविल अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद जो कहा, उसे सुनकर हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने सुधीर ठाकुर को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।

यह खबर जैसे ही फैली ताे पूरे करसोग क्षेत्र में मातम छा गया। सुधीर ठाकुर सिर्फ एक ड्राइवर नहीं थे, बल्कि वे ड्राइवरों के हकों के लिए हमेशा आवाज उठाने वाले एक सच्चे साथी और हिमाचल ड्राइवर यूनियन के उप-प्रधान भी थे। उनके मिलनसार स्वभाव और हमेशा मदद के लिए तैयार रहने वाले जज्बे के कारण हर कोई उनका सम्मान करता था।

उनके निधन के बाद का दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। उनके साथी ड्राइवर भाइयों ने एचआरटीसी की एक बस को फूलों और मालाओं से सजाया और उसी बस में उनके पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव बिहाल तक ले गए। सोमवार को पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

सुधीर ठाकुर अपने पीछे दो बेटियों को छोड़ गए हैं। इस अकस्मात और दुखद घटना ने न केवल एक परिवार से उसका सहारा छीना है, बल्कि ड्राइवर भाइयों ने भी एक बेहतरीन इंसान खो दिया है। विभिन्न ड्राइवर संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

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Author: Desk

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