युवा पीढ़ी काे नशे के दलदल में धकेल रहे माफिया के खिलाफ जिला कांगड़ा की पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उपमंडल इंदौरा के भदरोया गांव में पुलिस ने एक ऐसे परिवार पर शिकंजा कसा है, जो नशे का कारोबार चला रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक महिला और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर उनके घर से भारी मात्रा में हैरोइन (चिट्टा), लाखों की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
नूरपुर के एसपी अशोक रत्न ने प्रैस को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि डमटाल थाना क्षेत्र के भदरोया गांव में एक परिवार बड़े पैमाने पर नशे की तस्करी में लिप्त है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक विशेष टीम ने भदरोया निवासी बचनी देवी पत्नी स्वर्गीय सतपाल और उसके दो बेटों लवजीत उर्फ लब्बा और करण के घर पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान घर का मंजर देख पुलिस भी हैरान रह गई। तलाशी में पुलिस को 22.65 ग्राम हैरोइन (चिट्टा), जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लाखाें रुपए कीमत बताई जा रही है, नशे के कारोबार से कमाई गई 4.70 लाख रुपए की नकदी, 101.7 ग्राम सोने और 478 ग्राम चांदी के जेवर और एक इलैक्ट्राॅनिक तराजू मिला। पुलिस ने तुरंत नशे की खेप, नकदी और अन्य सामान को जब्त कर तीनों मां-बेटों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
एसपी अशोक रत्न ने बताया कि यह परिवार इलाके का कुख्यात नशा तस्कर है और तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। इनके आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने पर पता चला कि इन पर पहले भी नशा तस्करी के कई मामले दर्ज हैं, जो न्यायालयों में विचाराधीन हैं।
बचनी देवी पर मई 2019 में 6.51 ग्राम और नवंबर 2020 में 103.73 ग्राम (कीमत 6 लाख से अधिक) हैरोइन के साथ पकड़े जाने के मामले पहले से ही दर्ज हैं। वहीं लवजीत उर्फ लब्बा पर भी 2017 और 2019 में हैरोइन तस्करी के मामले दर्ज हैं। वह अपनी मां के साथ 103.73 ग्राम हैरोइन वाले मामले में भी सह-आरोपी था। उधर, करण पर भी 2018 और 2019 में अलग-अलग मात्रा में हैरोइन के साथ पकड़े जाने के मामले दर्ज हैं और वह भी मां के साथ बड़े मामले में शामिल था।
एसपी ने जनता को विश्वास दिलाया कि नशे के खिलाफ पुलिस का यह अभियान जीरो टॉलरैंस की नीति के साथ भविष्य में भी जारी रहेगा और किसी भी सूरत में नशे के सौदागरों को बख्शा नहीं जाएगा।








