जिस कंधे पर देश के भविष्य यानी नौनिहालों की जिम्मेदारी थी, वही कंधा जब शराब के बोझ तले दबकर क्लासरूम के फर्श पर बेसुध पड़ा मिला, तो हर काेई हैरान रह गया। यह शर्मसार कर देने वाली तस्वीर नाचन क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल गराड़ी गाड़ की है, जहां एक शिक्षक नशे में धुत्त होकर स्कूल पहुंचा और बच्चों की कक्षा में ही गिर गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में आरोपी शिक्षक को सस्पैंड कर दिया गया। लेकिन यह कार्रवाई उन अभिभावकों और ग्रामीणों के गुस्से को शांत नहीं कर पा रही है, जो अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
जानकारी के अनुसार शिक्षक सुबह-सुबह ही अत्यधिक नशे की हालत में स्कूल आया। जब वह क्लासरूम में पहुंचा तो लड़खड़ाते हुए फर्श पर ही गिर गया। उसके चेहरे पर चोट के निशान भी थे, जो शायद नशे में कहीं गिरने की वजह से लगे थे। यह मंजर देखकर स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान गुशाल सिंह ने तुरंत पंचायत उप प्रधान संतोष कुमार को सूचित किया। मौके पर पहुंचे संतोष कुमार ने जब शिक्षक की हालत देखी तो वे भी सन्न रह गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी (चच्योट-2) और स्थानीय पुलिस को दी।
पंचायत उप प्रधान संतोष कुमार ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। यह शिक्षक पहले भी कई बार शराब पीकर स्कूल आ चुका है। हमने इसकी शिकायत कई बार विभाग से की, लेकिन हर बार उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। आज उसने सारी हदें पार कर दीं। हम अपने बच्चों को ऐसे शिक्षक के भरोसे कैसे छोड़ सकते हैं?
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यह बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस शिक्षक को केवल सस्पेंड न किया जाए, बल्कि नौकरी से स्थायी रूप से बर्खास्त किया जाए ताकि भविष्य में कोई और शिक्षक ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
मामले के तूल पकड़ने के बाद उप जिला शिक्षा अधिकारी विजय गुप्ता ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पैंड कर दिया गया है और पूरी जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषी को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि विभाग की कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह उठता है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पहले कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? क्या विभाग को एक वीडियो वायरल होने का इंतजार था?
यह घटना मंडी जिले में पहली नहीं है। इससे पहले भी कई शिक्षकों के नशे में स्कूल आने के मामले सामने आ चुके हैं। यह घटना उस पवित्र पेशे पर एक बदनुमा दाग है, जिसे ‘गुरु’ का दर्जा दिया गया है। अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि उनके बच्चों की पढ़ाई का जो नुकसान हो रहा है, उसकी भरपाई कैसे होगी। उन्होंने मांग की है कि स्कूल में तुरंत किसी दूसरे शिक्षक की व्यवस्था की जाए।
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