कई दिनों का लंबा और दर्दनाक इंतजार आखिरकार एक दुखद खबर पर आकर खत्म हुआ। 21 सितम्बर को कार हादसे के बाद रावी नदी में लापता हुईं 24 वर्षीय होनहार एमबीबीएस प्रशिक्षु (ट्रेनी डॉक्टर) इशिका का शव बरामद कर लिया गया है। उनका शव सोमवार देर रात चमेरा जलाशय में घटनास्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर द्रड्डा के पास मिला। इस खबर के साथ ही परिवार की वो आखिरी उम्मीद भी टूट गई, जो शायद किसी चमत्कार के आसरे अब तक बंधी हुई थी।
शिमला के हाटकोटी निवासी विजय कुमार की बेटी इशिका डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने का सपना देख रही थीं, लेकिन 21 सितम्बर की उस मनहूस रात ने सबकुछ छीन लिया। चम्बा के मेडिकल काॅलेज में एमबीबीएस कर रही इशिका अपने तीन अन्य साथियों के साथ कार में थीं, जब परेल के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर रावी नदी की बेरहम लहरों में समा गई। हादसे में उनके एक साथी की मौके पर ही मौत हो गई थी और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन इशिका नदी के तेज बहाव में कहीं ओझल हो गईं।
उस दिन के बाद से ही प्रशासन, एनडीआरएफ, गोताखोरों और पुलिस की टीमों ने एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। दिन-रात रावी नदी के किनारों और गहराई को खंगाला गया…इस उम्मीद में कि शायद इशिका का कोई सुराग मिल जाए। हर गुजरते पल के साथ परिवार की धड़कनें तेज होती जा रही थीं, लेकिन नतीजा शून्य रहा।
सोमवार की रात पुलिस को द्रड्डा के पास पानी में एक शव दिखने की सूचना मिली। शव को बाहर निकालने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसकी शिनाख्त की गई, और यह पुष्टि होते ही कि यह शव लापता इशिका का ही है, चारों ओर मातम पसर गया।
इस हृदय विदारक खबर की सूचना इशिका के परिजनों को दी गई, जिसके बाद वे अपने जिगर के टुकड़े की अंतिम झलक पाने के लिए शिमला से चम्बा पहुंच गए। यह साेच कर ही दिल दहल उठता है कि जिस बेटी काे परिवार ने इतने नाजाें से पाला था…पढ़ाया-लिखाया था और इस काबिल बनाया था कि लाेगाें की सेवा करेगी, उसे इस हाल में देखना पड़ेगा।
इशिका के शव के मिलने के साथ भले ही तलाशी अभियान समाप्त हो गया हो, लेकिन एक परिवार के लिए ये कभी न भरने वाला जख्म दे गया। द प्वाइंट हिमाचल एमबीबीएस प्रशिक्षु (ट्रेनी डॉक्टर) इशिका की मृत्यु की पर दुख व्यक्त करता है और भगवान से परिवार काे इस दुख काे सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना करता है।
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