त्याैहारों का मौसम जब दरवाजे पर दस्तक दे रहा हो तो सरकार की तरफ से मिली एक छोटी-सी सौगात भी बड़ी खुशी दे जाती है। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने दिवाली से ठीक पहले प्रदेश के हजारों कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के घरों में खुशियों की रोशनी बिखेर दी है। सरकार ने अपने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में किए वायदे को पूरा करते हुए आऊटसोर्स कर्मचारियों, शिक्षकों, दिहाड़ीदारों, मिड-डे मील वर्कर्ज और पंचायत प्रतिनिधियों समेत विभिन्न वर्गों के मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ाैतरी की है। इस फैसले से हजारों परिवारों की दिवाली और भी मीठी हो गई है।
जानकारी के अनुसार सरकार ने आऊटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय बढ़ाकर 12750 रुपए कर दिया गया है। वहीं, शिक्षा की अलख जगा रहे आईटी शिक्षकों के मानदेय में भी 500 रुपए की वृद्धि की गई है। सरकार ने दिहाड़ीदारों और पार्ट-टाइम वर्कर्ज की मेहनत का सम्मान करते हुए उनकी दिहाड़ी में 25 रुपए की बढ़ाैतरी की है, जिससे अब उन्हें प्रतिदिन 425 रुपए मिलेंगे।
बच्चों के लिए स्कूलों में पौष्टिक भोजन बनाने वाली 21,115 मिड-डे मील वर्कर्ज के मानदेय में 500 रुपए की वृद्धि कर इसे 5000 रुपए कर दिया गया है। शिक्षा की रीढ़ कहे जाने वाले एसएमसी शिक्षकाें के मानदेय में 500 रुपए की सम्मानजनक वृद्धि की गई है। 877 एसएमसी (सी एंड वी) काे अब 16009 रुपए, 833 एसएमसी (लैक्चरार/डीपीई) काे 19378 रुपए, 491 एसएमसी (टीजीटी) काे 19378 रुपए और 62 एसएमसी (जेबीटी) काे 13762 रुपए मानदेय मिलेगा।
गांवों की सुरक्षा और व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले 1399 पंचायत चौकीदारों का मानदेय 500 रुपए बढ़कर 8500 रुपए और 970 राजस्व चौकीदारों का मानदेय 500 रुपए बढ़कर 6300 रुपए हो गया है। गांवों में राजस्व प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे 3304 लंबरदारों के मानदेय में 300 रुपए की वृद्धि कर इसे 4500 रुपए किया गया है। इसके अलावा स्पैशल पुलिस ऑफिसर के मानदेय में 300 रुपए, वाटर कैरियर के मानदेय में 500 रुपए और सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में 500 रुपए की वृद्धि की गई है।
सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के प्रतिनिधियों के मानदेय में भी वृद्धि की है। इसके तहत 1000 रुपए की वृद्धि के साथ जिला परिषद अध्यक्ष काे अब 25 हजार रुपए, 1000 रुपए की वृद्धि के साथ जिला परिषद उपाध्यक्ष काे 19 हजार रुपए, 300 रुपए की वृद्धि के साथ ग्राम पंचायत प्रधान काे 7500 रुपए, 600 रुपए वृद्धि के साथ ग्राम पंचायत सदस्य काे 2100 रुपए मानदेय मिलेगा। वहीं नगर निगम के मेयर काे 1000 रुपए की वृद्धि के साथ 25 हजार रुपए, डिप्टी मेयर काे 1000 रुपए की वृद्धि के साथ 19 हजार रुपए, नगर परिषद के अध्यक्ष काे 600 रुपए वृद्धि के साथ 10800 रुपए, उपाध्यक्ष काे 500 रुपए की वृद्धि के साथ 8900 रुपए, पार्षदों काे 300 रुपए की वृद्धि के साथ 4500 रुपए, नगर पंचायत के प्रधान काे 600 रुपए वृद्धि के साथ 9 हजार रुपए, उपप्रधान काे 400 रुपए की वृद्धि के साथ 7000 रुपए तथा नगर पंचायत सदस्य काे 300 रुपए की वृद्धि के साथ 4500 रुपए मानदेय मिलेगा।








