हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए 28 सरकारी स्कूलों का दर्जा घटा दिया है। इन स्कूलों के सुनसान होने की वजह है इनमें 5 से भी कम छात्रों का होना है। इस फैसले से 12 सीनियर सैकेंडरी स्कूल अब हाई स्कूल और 16 हाई स्कूल अब मिडल स्कूल बनकर रह जाएंगे।
सरकार का यह कदम उन स्कूलों पर केंद्रित है, जहां शिक्षा की लौ तो जल रही थी, लेकिन उसे सीखने वाले छात्र लगभग न के बराबर थे। जिन 12 सीनियर सैकेंडरी स्कूलों का दर्जा घटाया गया है, वहां 11वीं और 12वीं कक्षा में 5 से भी कम छात्र पढ़ रहे थे। इसी तरह जिन हाई स्कूलों को मिडल स्कूल बनाया गया है, वहां 9वीं और 10वीं कक्षा में छात्रों का आंकड़ा 5 तक भी नहीं पहुंच पा रहा था। सबसे ज्यादा असर राजधानी शिमला पर पड़ा है, जहां के 22 स्कूल इस सूची में शामिल हैं।
सरकार के इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल उन बच्चों के भविष्य को लेकर है जो इन स्कूलों में पढ़ रहे थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। इन सभी छात्रों को उनके घर के पास वाले या उनकी पसंद के किसी दूसरे स्कूल में स्थानांतरित किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल के शिक्षकों को सौंपी गई है, ताकि हर बच्चा बिना किसी परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
स्कूलों का दर्जा घटने के बाद वहां तैनात स्टाफ, कार्यालय के रिकॉर्ड, फर्नीचर, सरकारी जमीन और भवनों का क्या होगा, इसे लेकर शिक्षा विभाग अलग से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। शिक्षा विभाग ने लगभग तीन महीने पहले ही कम छात्रों वाले स्कूलों की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी, लेकिन यह फैसला काफी समय से लंबित था, जिस पर अब मुहर लग गई है।
यह कोई पहली बार नहीं है जब हिमाचल में स्कूलों पर ऐसा फैसला लिया गया हो। इससे पहले भी राज्य में लगभग 1200 सरकारी स्कूल या तो बंद किए जा चुके हैं या फिर उन्हें पास के स्कूलों में मिला दिया गया है। इनमें 450 स्कूल वे थे जहां एक भी छात्र नहीं था (जीरो एनरोलमैंट) और 750 स्कूल बहुत कम छात्र संख्या के कारण पास की पाठशालाओं में मर्ज कर दिए गए थे।
सरकार ने जिन सीनियर सैकेंडरी स्कूलाें काे डाऊनग्रेड किया है, उसमें सैकेंडरी स्कूल भौरा (कांगड़ा), सैकेंडरी स्कूल चंबी (मंडी), सैकेंडरी स्कूल बरवास (सिरमौर) और शिमला जिले के सैकेंडरी स्कूल कोटगढ़, जुब्बर, दम्याना, बोसारी, रत्नाडी, झीना, बराच और बाघल सैकेंडरी स्कूल शामिल हैं। वहीं जाे हाई स्कूल डाऊनग्रेड किए हैं, उनमें हाई स्कूल घराणा (कांगड़ा), हाई स्कूल त्रेसवन (मंडी), हाई स्कूल मल्होटी (सिरमौर) और शिमला जिले के हाई स्कूल लिंगजार, चनोग, मुनीश, ब्राल, अलावांग, कुहाल, कंडा, जराशी, जनाहन, गैहा, कचैरी, नागन व गाहन स्कूल शामिल हैं।








