जिस घर में शहनाई की धुनें गूंजनी थीं, वहां अब खामोश सिसकियांं हैं। जिस आंगन से बारात सजनी थी, वहां अब मातम पसरा है। एक भयानक सड़क हादसे ने कांगड़ा के रजियाणा गांव के 28 वर्षीय अभिषेक के सपनों को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया। विडंबना देखिए 30 नवमबर को जिस अभिषेक के सिर पर सेहरा सजना था, काल के क्रूर पहिए ने उसे हमेशा के लिए सुला दिया।
रजियाणा निवासी सुभाष चंद के घर में इन दिनों उत्सव का माहौल था। बेटे अभिषेक की शादी की तैयारियां जाेरों पर थीं। मेहमानों की लिस्ट बन रही थी, घर सजाया जा रहा था और हर कोई उस दिन का इंतजार कर रहा था, जब घर में नई बहू का आगमन होता, लेकिन बुधवार की एक शाम सब कुछ बदल गई।
बुधवार शाम को अभिषेक अपनी बाइक पर घर लौट रहा था। ज्वालामुखी-कांगड़ा मुख्य मार्ग पर रानीताल पुलिस चौकी के पास अचानक उसकी बाइक स्किड हाे गई, जिसके चलते अभिषेक गंभीर रूप से घायल हाे गया।
आसपास के लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाए और लहूलुहान अभिषेक को टांडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। परिवार वाले और दोस्त, जो कल तक शादी की तैयारियों में व्यस्त थे, अब अस्पताल के बाहर भगवान से उसकी सलामती की दुआएं मांग रहे थे। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि गुरुवार सुबह अभिषेक जिंदगी की जंग हार गया।
इस खबर ने पूरे रजियाणा क्षेत्र को गहरे सदमे में डुबो दिया है। पंचायत प्रधान हंसराज ने नम आंखों से बताया कि अभिषेक बहुत ही मिलनसार और हंसमुख लड़का था। हर किसी की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता था। उसकी अचानक मौत पर किसी को यकीन नहीं हो रहा। पूरा गांव उस परिवार के दर्द में शरीक है, जिसके घर की रौनक ही चली गई।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है, लेकिन जो जख्म इस परिवार को मिला है, वह शायद कभी नहीं भर पाएगा। शादी के लिए तैयार किया गया सामान अब भी घर के कोने में पड़ा है, जो हंसते-खेलते परिवार की उजड़ चुकी खुशियों की दर्दनाक कहानी बयां कर रहा है।








