हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 81 पुलिस अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। बुधवार देर रात जारी हुए इन आदेशों ने पुलिस विभाग में एक नई हलचल पैदा कर दी है। इस बड़े बदलाव में सबसे खास बात यह है कि सरकार ने हिमाचल पुलिस सेवा (HPS) के 6 अधिकारियों पर भरोसा जताते हुए उन्हें जिलों की स्थायी कमान सौंपी है। इस फैसले को प्रदेश के अफसरों के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
हिमाचल के अफसरों पर सरकार का भरोसा
इस फेरबदल का सबसे अहम पहलू गैर-आईपीएस अधिकारियों को जिलों की कप्तानी सौंपना है। सुक्खू सरकार ने हिमाचल मूल के 6 एचपीएस अधिकारियों को स्थायी पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त कर एक बड़ा संदेश दिया है। इन नियुक्तियों में शामिल हैं:
- मदन लाल-2 (2006 बैच): एसपी, कुल्लू
- सुशील कुमार (2007 बैच): एसपी, किन्नौर
- विजय कुमार (2007 बैच): एसपी, चंबा
- कुलभूषण वर्मा (2008 बैच): एसपी, पुलिस जिला नूरपुर
- विनोद कुमार-2 (2007 बैच): एसपी, पुलिस जिला बद्दी (पहले से कार्यभार संभाल रहे थे, अब स्थायी नियुक्ति)
- बलवीर सिंह (2007 बैच): एसपी, हमीरपुर (वर्तमान एसपी की सेवानिवृत्ति के बाद पद संभालेंगे)
- आईपीएस अधिकारी अशोक रतन को नूरपुर से बदलकर कांगड़ा जिले का स्थायी एसपी बनाया गया है।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के भी बदले विभाग
इस फेरबदल में 15 आईपीएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। एडीजीपी (कानून व्यवस्था) अभिषेक त्रिवेदी को अब एडीजीपी (जेल) का जिम्मा सौंपा गया है। आईजी प्रेम कुमार ठाकुर को पुलिस अकादमी, शिमला भेजा गया है। डॉ. डीके चौधरी को डीआईजी साइबर क्राइम, धर्मशाला और अनुपम शर्मा को डीआईजी साइबर क्राइम, शिमला लगाया गया है। कार्तिकेयन गोकुल चंद्रन और मानव वर्मा को एसपी कंपलसरी वेटिंग में रखा गया है। अभिषेक यादव को एआईजी पुलिस मुख्यालय, शिमला की जिम्मेदारी दी गई है।
कई एएसपी और डीएसपी भी इधर से उधर
इस बड़ी सूची में कई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (ASP) और पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) के भी तबादले हुए हैं, जो प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करेंगे। कुछ प्रमुख तबादले इस प्रकार हैं:
एएसपी: भूपिंद्र सिंह-1 को एसपी पीटीसी डरोह, दिनेश कुमार को एएसपी सीआईडी शिमला, सागर चंद्र को एएसपी आईआरबी धौलाकुंआ, और अभिमन्यु वर्मा को एएसपी मंडी लगाया गया है।
डीएसपी/एसडीपीओ: कर्ण सिंह गुलेरिया को डीएसपी सीआईडी धर्मशाला, गुलशन नेगी को डीएसपी शहरी शिमला, डॉ. वसुधा सूद को एसडीपीओ देहरा, अजय कुमार-3 को एसडीपीओ ठियोग, और संदीप शर्मा को एसडीपीओ बैजनाथ के साथ पालमपुर का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
4 आईपीएस अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार
सरकार ने चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर भरोसा जताते हुए उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी दी हैं:
- ज्ञानेश्वर सिंह (एडीजीपी, सीआईडी): एसटीएफ शिमला का अतिरिक्त कार्यभार।
- विमल गुप्ता (आईजी, विजिलैंस): आईजी एपीटी का अतिरिक्त कार्यभार।
- गुरदेव चंद शर्मा (डीआईजी, टीटीआर): डीआईजी कानून व्यवस्था का अतिरिक्त कार्यभार।
- सौम्या (डीआईजी, उत्तरी रेंज): पीटीसी डरोह में प्रधानाचार्य का अतिरिक्त कार्यभार।
क्यों खास है यह फेरबदल?
सुक्खू सरकार का यह फैसला सिर्फ एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि एक बड़ा नीतिगत संदेश भी है। पहली बार एक साथ 6 एचपीएस अधिकारियों को जिलों की स्थायी कमान सौंपकर सरकार ने हिमाचल मूल के अफसरों पर अपना विश्वास जताया है। इससे पहले, जिलों में एसपी के पद पर मुख्यतः आईपीएस अधिकारियों की ही तैनाती होती थी और एचपीएस अधिकारियों को यह मौका कम ही मिलता था। इस कदम से प्रदेश पुलिस सेवा के अधिकारियों का मनोबल बढ़ना तय है, जिन्हें अब अपने ही राज्य में शीर्ष पदों पर पहुंचने का एक स्पष्ट अवसर दिख रहा है। यह फेरबदल आने वाले दिनों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गहरा प्रभाव डालेगा।








