हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला के एक व्यवसायी के साथ जो हुआ, वह किसी भी आम आदमी की नींद उड़ाने के लिए काफी है। मेन मार्कीट निवासी व्यवसायी संजीव महाजन के लिए एक साधारण-सा व्हाट्सएप मैसेज उनकी गाढ़ी कमाई के लुटने का सबब बन गया। साइबर ठगों ने न केवल उनके खाते में सेंध लगाई, बल्कि उनकी एफडी तुड़वाकर कुल 14 लाख 90 हजार रुपए उड़ा लिए।
घटना 25 नवम्बर की है। संजीव महाजन के मोबाइल पर सुबह करीब 10:45 बजे एक मैसेज आता है। यह मैसेज आरटीओ (RTO) के नाम से एक फर्जी ई-चालान का था। संजीव ने दोपहर 2 बजे उस लिंक पर क्लिक कर दिया। लिंक खुला नहीं। स्क्रीन पर कुछ नहीं आया। संजीव ने सोचा कोई तकनीकी खराबी होगी और फोन बंद करके रख दिया, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उस एक क्लिक के साथ ही एक अनजान एप उनके फोन में इंस्टॉल हो चुका है और उनके फोन की कमान अब ठगों के हाथ में है।
असली खेल 26 नवम्बर की शाम को हुआ। करीब 4:40 बजे संजीव के फोन पर बैंक से मैसेज आया है ‘आपके खाते से 4 लाख 90 हजार रुपए डेबिट हुए हैं।’ यह मैसेज देखते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घबराहट में उन्होंने बैंक में फोन किया तो पता चला कि तबाही इससे कहीं बड़ी है। ठगों ने बेहद शातिर तरीके से पहले उनकी ऑनलाइन एफडी (FDR) को तुड़वाया। फिर उस पैसे को बचत खाते में लिया और वहां से बैक-टू-बैक तीन ट्रांजैक्शन (5 लाख, 5 लाख और 4.90 लाख) करके कुल 14.90 लाख रुपए साफ कर दिए।
संजीव ने तुरंत साइबर हैल्पलाइन 1930 पर गुहार लगाई। पुलिस और बैंक ने फुर्ती दिखाई, लेकिन डिजिटल दुनिया के ये लुटेरे उनसे एक कदम आगे थे। जांच में पता चला कि पैसा हरियाणा के पानीपत और पश्चिम बंगाल के खातों में भेजा गया है। पुलिस ने जब उन खातों को फ्रीज करवाया, तब तक ठगों ने बड़ी रकम या तो निकाल ली थी या छोटे-छोटे टुकड़ों में आगे भेज दी थी। पानीपत वाले खाते में महज 1 लाख 92 हजार रुपये ही शेष मिले, जिसे फ्रीज कर दिया गया है।
डीएसपी मुख्यालय मदन धीमान ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की साइबर टीम सरगर्मी से आरोपियों की तलाश कर रही है।
नीचे देखें वीडियो…








