‘कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों…’ इस कहावत को हकीकत में बदला है शिमला के तीन जिगरी दोस्तों बिनू दीवान, अजय और अभय ठाकुर ने। जहां सरकारें 15 साल में एक ईंट नहीं रख पाईं, वहां इन तीन युवाओं ने अपने जुनून के दम पर महज 4 साल में पहाड़ काटकर एक भव्य क्रिकेट स्टेडियम खड़ा कर दिया है।
खड़ी ढलान और ‘पहाड़’ जैसा हौसला
यह कहानी 5 साल पहले शुरू हुई, जब शिमला में क्रिकेट खेलने के लिए एक भी ढंग का मैदान न होने की टीस इन दोस्तों को चुभ गई। बस फिर क्या था, उन्होंने ठान लिया कि मैदान सरकार नहीं, हम बनाएंगे! चुनौती आसान नहीं थी। शिमला सचिवालय से 15 किलोमीटर दूर पड़ेची गांव में 90 बीघा जमीन खरीदी गई। यह जमीन समतल नहीं, बल्कि 45 डिग्री की खड़ी ढलान वाली थी। यहां मशीनरी तो दूर, इंसान का खड़ा होना भी मुश्किल था। वहां तक सड़क तक नहीं थी। बिनू दीवान और उनके दोस्तों ने हार नहीं मानी। पहले सड़क बनाई और फिर शुरू हुआ पहाड़ का ‘ऑप्रेशन’। पहाड़ को समतल करने में इतना मलबा निकला कि पहाड़ का नक्शा ही बदल गया। स्टेडियम को टिकाने के लिए 150 मीटर लंबी और 40 मीटर तक ऊंची दीवारें खड़ी की गईं। समुद्र तल से 5400 फुट की ऊंचाई पर बना यह स्टेडियम 91 मीटर चौड़ा और 120 मीटर लंबा है। आज यहां हरी घास की मखमली चादर बिछ चुकी है।
सरकार के 15 साल और दोस्तों के 4 साल
हैरानी की बात यह है कि शिमला के कटासनी में सरकार पिछले 15 साल से इंडोर स्टेडियम बनाने की कोशिश कर रही है, जो आज तक अधर में है। वहीं, निजी संसाधनों और इच्छाशक्ति के दम पर इन युवाओं ने 4 साल में 90 प्रतिशत काम पूरा भी कर दिया है। यह मैदान न केवल शिमला बल्कि सोलन, सिरमौर, किन्नौर, मंडी और बिलासपुर के युवाओं के लिए ‘धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम’ से कम नहीं होगा।
खुशखबरी: अप्रैल 2026 में गूंजेगा बल्ला
क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ा अपडेट यह है कि हिमाचल प्रीमियर क्रिकेट लीग (Pro-HPCL) का चौथा सीजन अब चंडीगढ़ में नहीं, बल्कि शिमला के इसी मैदान में खेला जाएगा। अप्रैल 2026 में यहां चौके-छक्कों की बरसात होगी।
सिर्फ स्टेडियम बनाना ही सपना नहीं….
बिनू दीवान ने कहा कि हमरा सपना सिर्फ स्टेडियम बनाना नहीं, बल्कि पहाड़ की जवानी को बचाना है। उन्हाेंने कहा कि हम चाहते थे कि युवा मोबाइल और नशे की दुनिया से निकलकर मैदान में पसीना बहाएं। धर्मशाला दूर है, तो क्या हुआ? अब शिमला के पास अपना वर्ल्ड क्लास ग्राऊंड है। जल्द ही यहा एक क्रिकेट स्कूल भी खुलेगा, जो भविष्य के कोहली और रोहित शर्मा तैयार करेगा।








