शादी का समारोह… ढोल-नगाड़ों की थाप और लोकगीतों की गूंज। हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के चुराह उपमंडल के शव्हा गांव में भी माहौल कुछ ऐसा ही था, लेकिन किसे पता था कि पल भर में ये खुशियां दर्दभरी चीखों में तब्दील हो जाएंगी। शुक्रवार को जुंगरा पंचायत के शव्हा गांव में एक शादी समारोह के दौरान एक कच्चे मकान की छत गिरने से 28 लोग घायल हो गए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार घर के आंगन में हिमाचल की पारंपरिक ‘जातर की नाटी’ का आयोजन हो रहा था। इस मनमोहक नृत्य को देखने का उत्साह इतना था कि करीब 50 से अधिक महिलाएं और बच्चे साथ वाले मकान की कच्ची छत पर जा बैठे। पुराना मकान और मिट्टी-लकड़ी की छत इतना भार सह नहीं पाई। अचानक एक तेज आवाज के साथ लकड़ी का बीम टूट गया और छत भरभराकर नीचे आ गिरी। जो लोग कुछ पल पहले तक मुस्कुरा रहे थे और तालियां बजा रहे थे, वे अगले ही पल मलबे और धूल के गुबार में दबे हुए थे। शादी के गीतों की जगह अब वहां सिर्फ दर्द और मदद की गुहार सुनाई दे रही थी।
इस भयावह मंजर के बीच राहत की एक बात यह रही कि जब छत टूटी, उस वक्त मकान के निचले कमरे में कोई मौजूद नहीं था। यदि वहां लोग होते, तो हादसा का मंजर कुछ और हाे सकता था। हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने हिम्मत नहीं हारी। शादी में आए मेहमान और ग्रामीण तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। मलबे में दबे बच्चों और महिलाओं को बाहर निकाला गया और उन्हें निजी वाहनों व एंबुलेंस के जरिए नागरिक अस्पताल तीसा पहुंचाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने 28 घायलों को प्राथमिक उपचार दिया। घायलों में सरला पत्नी मान सिंह, नन्हा बालक रूद्रा पुत्र देवेंद्र और रीता पत्नी पवन की हालत गंभीर बताई जा रही है। उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा रैफर कर दिया है। अन्य घायलों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं, जो दर्द से कराह रहे थे, लेकिन अब खतरे से बाहर हैं।
घटना की खबर मिलते ही एसडीएम चुराह राजेश जरयाल और तहसीलदार आशीष ठाकुर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत तीसा अस्पताल का रुख किया। उन्होंने एक-एक घायल के पास जाकर उनका हाल जाना और उनका ढांढस बंधाया। एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधन को घायलों के बेहतरीन इलाज के निर्देश दिए हैं और पीड़ित परिवारों को प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।








