मंडी जिला में एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है, जिसमें सेना के 2 जवानाें की माैत हाे गई। हादसा कटाैला के पास पेश आया, जहां कार सड़क से करीब 600 फुट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में काल का ग्रास बने जवानाें की पहचान नितेश (32) निवासी टारना हिल मंडी और महेंद्र कुमार (32) निवासी दूसरा खाबू, बल्ह मंडी के रूप में की गई है। जवान नितेश जे एंड के राइफल में तैनात था।
जानकारी के अनुसार दाेनाें जवान अपने दाेस्त अमर की शादी में ब्रेंगन गांव जा रहे थे। उनके दोस्तों का एक अन्य समूह दूसरी गाड़ी में सवार था। दाेस्ताें ने बताया कि वे शुक्रवार शाम करीब 6 बजे निकले थे। नितेश और महेंद्र की गाड़ी उनके पीछे चल रही थी। जब वे करीब सवा 8 बजे दरलाेग के पास पहुंचे ताे उन्हाेंने देखा कि नितेश और महेंद्र की गाड़ी उनके पीछे नहीं थी। जब उन्हाेंने नितेश और महेंद्र काे फाेन किया ताे काफी देर बाद एक महिला ने फाेन उठाया, जिसने बताया कि एक गाड़ी खाई में गिर गई है और फाेन उसे घटनास्थल पर पड़ा हुआ मिला है।
इतना सुनते ही सभी दाेस्त तुरंत घटनास्थल पहुंचे और खाई में उतरकर देखा ताे गाड़ी के पास ही नितेश और महेंद्र के शव पड़े हुए थे। वहीं हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस भी माैके पर पहुंच गई और शवाें काे खाई से निकाल कर कब्जे में लिया और बाद में पाेस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनाें काे साैंप दिया। पुलिस ने कीर्तिमान (28) पुत्र रामेश्वर निवासी बनियाड़, जरोल, मंडी के बयान पर मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि नितेश अपने पीछे पत्नी पूजा, बूढ़ी मां और महज 2 साल के बेटे को छोड़ गए हैं। उस मासूम को शायद अभी यह भी नहीं पता कि अब पापा कभी उसे गोद में उठाने नहीं आएंगे। वहीं महेंद्र कुमार अपने पीछे 3 साल की बेटी, 6 माह का बेटा, पत्नी और माता–पिता काे छाेड़ गए है। शनिवार को जब तिरंगे में लिपटे इन जांबाजों के पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचे, तो पत्थर दिल भी पिघल गए। सेना के सम्मान के साथ नम आंखों से दोनों दोस्तों को अंतिम विदाई दी गई।








