अपनी खूबसूरती और शांति के लिए मशहूर हिमाचल प्रदेश का डल्हौजी शहर इन दिनों एक नए और खौफनाक ‘मेहमान’ की वजह से चर्चा में है। यहां रात के सन्नाटे में अब चोर-उचक्कों का नहीं, बल्कि काले घने बालों वाले एक विशालकाय ‘डकैत’ का डर लोगों को सता रहा है। जी हां, हम बात कर रहे हैं जंगली भालुओं की, जिन्होंने जंगल का रूखा-सूखा छोड़कर अब इंसानों की रसोइयों का रुख कर लिया है।
ताजा मामला डलहौजी के खोलपुखर इलाके का है, जो किसी थ्रिलर फिल्म के सीन से कम नहीं है। यहां रहने वाले जगदीश कुमार अपने परिवार के साथ चैन की नींद सो रहे थे, लेकिन बाहर एक भालू अपनी ‘दावत’ की योजना बना रहा था। लोहे के बाड़े को किसी ट्रेंड कमांडो की तरह पार करते हुए यह भालू सीधे घर की रसोई की खिड़की तक पहुंचा। फिर क्या था, एक झटके में खिड़की तोड़ी और जनाब घर के अंदर दाखिल हो गए। टारगेट साफ था…रसोई में रखा लजीज खाना।
अगली सुबह जब जगदीश कुमार जागे और रसोई की टूटी खिड़की देखी, तो पहला ख्याल आया कि रात को कोई चोर आया था, लेकिन असली झटका उन्हें तब लगा जब उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांची। स्क्रीन पर जो दिखा, उसने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी। फुटेज में कोई नकाबपोश चोर नहीं, बल्कि एक भारी-भरकम भालू रसोई में बड़े आराम से टहलता हुआ दिखाई दिया।
वीडियो में दिखा कि भालू करीब 5 मिनट तक रसोई में रहा। सबसे डरावना पल वह था जब भालू जगदीश कुमार के बैडरूम के दरवाजे के पास जाकर उसे सूंघने लगा। गनीमत रही कि वह उस कमरे में घुसने की बजाय भालू भोजन लेकर वापस लौट गया, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।
जगदीश कुमार ही नहीं, डलहौजी के कई इलाकों में अब यह आम कहानी हो गई है। भालू अब केवल सड़कों पर नहीं, बल्कि घरों के अंदर ‘डिनर’ करने पहुंच रहे हैं। डरे-सहमे स्थानीय निवासियों ने अब वन विभाग से हाथ जोड़कर अपील की है कि जल्द से जल्द इन बिन बुलाए मेहमानों का बंदोबस्त कीजिए, इससे पहले कि कोई अनहोनी हो जाए। फिलहाल, डलहौजी की सर्द रातें खौफ के साए में कट रही हैं और हर किसी के मन में बस एक ही सवाल है कि आज रात किसकी रसोई का नंबर है?








