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गाय-भैंस पालना भूल जाइए! हिमाचल के इस ‘बाहुबली’ बकरे ने हिला दी मार्कीट, कीमत इतनी कि आ जाए नया iPhone!

अगर आप सोचते हैं कि खेती-किसानी या पशुपालन में पैसा नहीं है या फिर गाय-भैंस पालना ही मुनाफे का सौदा है, तो जरा ठहरिए! आज हम आपको हिमाचल के एक ऐसे ‘हीरो’ से मिलवाने जा रहे हैं, जिसने सारे गणित फेल कर दिए हैं। मिलिए जिला बिलासपुर के इस ‘सेलिब्रिटी’ से। जी नहीं, ये कोई फिल्मी सितारा नहीं है, ये है 15 महीने का एक बकरा! लेकिन जनाब, इसे बकरा कहने की गलती मत कीजिएगा, ये ‘बकरा नहीं, ब्रांड एंबैसडर’ है।

चलिए आपकाे इसकी नस्ल और कीमत के बारे में बताते हैं। ‘बीटल नस्ल’ के इस बकरे की ऊंचाई 4 फुट से ज्यादा है और उम्र सिर्फ 15 महीने है लेकिन वजन 130 किलोग्राम का है। अब आप साेच रहे हाेंगे कि इस बकरे की कीमत ज्यादा से ज्यादा 20 या 30 हजार रुपए हाेगी या फिर 50 हजार रुपए हाेगी…ताे जरा रुकिए! इस बकरे की कीमत सुनकर आपकाे झटका जरूर लगेगा। जी हां! इस बकरे की कीमत है 95 हजार रुपए। इतनी कीमत में ताे आपके तबेले में 2 भैंसें बंध सकती हैं या फिर लेटेस्ट प्राे सीरीज वाला आईफाेन आ सकता है।

भराड़ी के ललवाण गांव के युवा उद्यमी अश्विनी ने इस बकरे काे पंजाब से 25 हजार रुपए में खरीदा था। तब इसकी उम्र 5 महीने थी, लेकिन सिर्फ 10 महीने में ही अश्विनी ने इस बकरे काे बाहुबली बना दिया। इस बकरे की डाइट में कोई विदेशी प्रोटीन नहीं था। इसे घर का गेहूं, जौ और हरी घास खिलाई गई है। यही नहीं, यह बकरा जिला स्तर के कंपीटीशन का ‘हीरो’ रह चुका है। अश्विनी ने इसकी कीमत 1 लाख 20 हजार रखी थी, लेकिन खरीदार से दोस्ती और भविष्य के बिजनैस को देखते हुए डील 95 हजार में लॉक कर दी गई और अब यह हिमाचल का ‘हीरा’ सीधी फ्लाइट पकड़कर केरल जा रहा है।

अश्विनी ने साबित कर दिया है कि अगर दिशा सही हो, तो बकरी पालन में भी लाखों का गेम है। उनका युवाओं को साफ संदेश है कि नशे के रास्ते पर नहीं, बकरी पालन के रास्ते पर चलो..कम पूंजी लगाओ, लाखों कमाओ और समाज में इज्जत भी पाओ।

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Author: Desk

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