कहते हैं अनहोनी कब और किस रूप में सामने आ जाए, कोई नहीं जानता। मंडी जिले की बल्ह घाटी में आज कुछ ऐसी ही एक घटना पेश आई है। इस घटना में मंडी शहर के भ्यूली का रहने वाला बलवीर काल का ग्रास बना। वह अपने रिश्तेदारों से मिलने मलवाणा गांव आया था। सुबह का वक्त था, आंखों में अभी नींद की खुमारी थी, बलवीर जैसे ही शौच के लिए जंगल की दिशा में निकला ताे रास्ते में घात लगाकर बैठे आदमखोर तेंदुए ने उसे संभलने का मौका तक नहीं दिया। तेंदुए ने बलवीर की गर्दन को अपने नुकीले दांतों से इस तरह दबोचा जैसे वह किसी बेबस शिकार को दबोचता है। कुछ ही पलों में सब खत्म हो गया। नीचे खाई में बलवीर का लहूलुहान शव पड़ा था और ऊपर उसके परिजनों की चीखें पहाड़ों को चीर रही थीं।
तेंदुए का कहर सिर्फ एक जान लेकर नहीं थमा। कोहरे के बीच यह शिकारी एक गांव से दूसरे गांव मौत बनकर दौड़ता रहा। इस तरह उसने 3 गांवाें चंडयाल, भडयाल और मलवाणा में तबाही मचा दी। रास्ते में जो भी आया, चाहे वह पति-पत्नी हों या उनका बेटा…किसी को नहीं बख्शा। करीब आधा दर्जन लोग बुरी तरह जख्मी हुए हैं। किसी का चेहरा नोचा गया है तो किसी की टांग और बाजू पर गहरे घाव हैं। घायलों की स्थिति इतनी भयावह है कि उनकी तस्वीरें देखना भी मुश्किल है।
जब आतंक हद से गुजर गया और लहूलुहान अपनों को देखकर गांव वालों का सब्र टूटा तो पूरा इलाका एकजुट हो गया। खुद को और अपने परिवार को बचाने की जद्दोजहद में ग्रामीणों ने उस आदमखोर तेंदुए को घेरकर मार गिराया, लेकिन तब तक यह शिकारी कई जिंदगियों को गहरे जख्म दे चुका था। इस हमले में घायल हुए सभी 5 लोगों को तुरंत नेरचौक मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है, लेकिन शारीरिक जख्मों से ज्यादा गहरा वह मानसिक खौफ है जो इस हमले ने उनके जहन पर छोड़ा है।








