मंडी में अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे एंबुलेंस कर्मचारियों का प्रदर्शन शनिवार को उस वक्त भयावह हो गया, जब हताशा में आकर एक कर्मी ने अपनी जान देने की कोशिश की। चौहटा बाजार में पुतला दहन के दौरान एक कर्मचारी ने खुद पर डीजल छिड़क लिया। गनीमत रही कि वहां मौजूद साथियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे धक्का देकर आग की लपटों से दूर किया, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।
इससे पहले सीटू से संबद्ध यूनियन ने शहर में रोष रैली निकालते हुए शव यात्रा निकाली और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दाैरान कर्मचारियों ने न केवल सत्ता पक्ष बल्कि विपक्षी दलों को भी आड़े हाथों लिया। बीते 25 दिसम्बर से हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों का आराेप हैं कि उनसे 12-12 घंटे काम लिया जाता है, लेकिन न तो उन्हें न्यूनतम वेतन मिलता है और न ही ओवरटाइम का भुगतान किया जाता है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि 2022 में आई नई कंपनी (मेडस्वान) और उससे पहले की जीवीके कंपनी, दोनों ने ही कर्मचारियों के हकों को मारा है। यूनियन नेताओं ने स्वास्थ्य मिशन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब वे अपना हक मांगते हैं, तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें 12 घंटे की ड्यूटी के बदले ओवरटाइम और सरकारी नियमों के तहत वेतन नहीं मिला तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगा।








