हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड और नए साल के जश्न की तैयारियों के बीच मंगलवार की देर शाम एक ऐसी खबर आई, जिसने कई परिवारों में खुशियां भर दी हैं। 22 से 30 दिसम्बर तक चले कड़े पर्सनैलिटी टैस्ट के बाद हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने जब फाइनल रिजल्ट घोषित किया तो हजारों धड़कनें थम-सी गईं। ये सिर्फ एक रिजल्ट नहीं, बल्कि उन रातों का हिसाब था जो इन होनहारों ने जागकर बिताई थीं।
इस बार सफलता की कहानी के मुख्य पन्ने पर नाम लिखा है मेघा सिंह कंवर का। सिरमौर जिले के उपमंडल राजगढ़ की इस बेटी ने HAS परीक्षा में टॉप कर यह साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों तो गांव की पगडंडियां भी प्रशासन के सर्वोच्च शिखर तक ले जा सकती हैं। मेघा की इस कामयाबी ने पूरे सिरमौर का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
मैरिट लिस्ट के पहले नंबर पर जहां मेघा ने कब्जा जमाया, वहीं दूसरे नंबर पर आंचल कुमारी ने अपनी जगह बनाई, जिनका चयन हिमाचल पुलिस सेवा (HPPS) के लिए हुआ है। तीसरे स्थान पर विकास वर्मा रहे, जो अब बतौर बीडीओ प्रदेश के विकास को गति देंगे। यानी टॉप-3 में दो बेटियों ने अपनी जगह पक्की कर महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश की है।
सफलता का कारवां यहीं नहीं रुका। मैरिट लिस्ट में सौरभ ठाकुर (चाैथा स्थान), अंकित शर्मा (5वां), रोहित चौहान (छठा), लोकेंद्र पाल (7वां), अरुण कुमार सांख्यान (8वां), आंचल कुमारी (9वां) और दिव्य ज्योति कटोच (10वां स्थान) ने अपनी जगह बनाई। इसके अलावा विक्रांत पांडे, इशान, अभिषेक शर्मा, नितेश, रोहित राणा, अभिषेक कपूर, और आस्था पंवर जैसे युवाओं ने अपनी मेहनत के दम पर तहसीलदार, बीडीओ और असिस्टेंट कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपना नाम दर्ज करवाया है।
लोक सेवा आयोग की यह परीक्षा कितनी कठिन थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोग 35 अधिकारियों की तलाश में था, लेकिन उसे केवल 30 ही ऐसे ‘हीरे’ मिल पाए जो मानकों पर खरे उतरे। नतीजतन 5 पद खाली रह गए। हैरानी की बात यह है कि HAS (प्रशासनिक सेवा) के दो पदों में से केवल एक ही भरा जा सका, जबकि एक सीट अब भी अपने हकदार का इंतजार कर रही है।
आयोग की अतिरिक्त सचिव छवि नांटा ने बताया कि विस्तृत परिणाम वेबसाइट पर उपलब्ध है। बीडीओ के 8, तहसीलदार के 9, डिस्ट्रिक्ट कंट्रोलर के 2 और असिस्टेंट कमिश्नर (स्टेट टैक्स एंड एक्साइज) के 8 पदों पर इन युवाओं का चयन हुआ है। अब ये 30 युवा अधिकारी हिमाचल के विकास में अपना योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
काैन हैं मेघा सिंह कंवर
एचएएस परीक्षा में टाॅप करने वाली मेघा सिंह कंवर जिला सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल पझौता घाटी के सनौरा गांव की रहने वाली हैं। मेघा सिंह कंवर सनौरा में एक छोटा-सा डिपो चलाने वाले नरेंद्र ठाकुर की बेटी हैं। मेघा के भाई कर्ण कंवर हिमाचल प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत है, जबकि माता अनीता ठाकुर गृहिणी हैं। मेघा कंवर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल से की, जबकि उसके बाद छठी कक्षा में उसका चयन जवाहरलाल नेहरू नवोदय विद्यालय नाहन के लिए हो गया। नवोदय स्कूल से 12 वी की परीक्षा पास करने के बाद डॉक्टर वाईएस परमार वानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय नौणी सोलन से बीएससी तथा एमएससी वानिकी विषय में की। उसके बाद 2022 से हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।
मेघा कंवर का एचएएस परीक्षा का यह तीसरा प्रयास था। वर्ष 2023 में पहला प्रयास और वर्ष 2024 में दूसरा प्रयास किया। दोनों ही प्रयास असफल रहे। मगर हिम्मत नहीं, अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए लगातार तैयारियां जारी रही। मार्च. 2025 में एलाइड की परीक्षा पास की, मगर यहां भी अंत में किस्मत ने साथ नहीं दिया। उसके बाद मेघा का जुनून और बढ़ता चला गया। मेघा ने साेच लिया था कि प्रशासनिक अधिकारी बन कर ही रहना है। जून, 2025 में तीसरी बार एचएएस की परीक्षा दी और अब सफलता हासिल की। मेघा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है।








