देवभूमि हिमाचल की जिन वादियों में लोग सुकून और ताजी हवा की तलाश में आते हैं, अफसोस कि कुछ लोग उन्हीं हवाओं में नशे का जहर घोलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन खाकी वर्दी में तैनात हमारे रक्षकों की मुस्तैदी ने एक बार फिर समाज को इस बुराई से बचाने में अहम भूमिका निभाई है।
सोमवार की शाम जब डल्हौजी की फिजाओं में ठंडक घुल रही थी, तब राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-154A) पर स्थित मैगी प्वाइंट (लाहड़) के पास पुलिस की टीम एक ढाल बनकर खड़ी थी। इरादा साफ था…किसी भी कीमत पर नशे के सौदागरों को आगे नहीं बढ़ने देना। इसी दौरान शक के आधार पर एक टैक्सी को जांच के लिए रोका गया, जिसमें 3 युवक सवार थे।
पुलिस ने जब गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें रखी 1 किलो 564 ग्राम चरस बरामद हुई। जरा सोचिए, अगर यह खेप बाजार तक पहुंच जाती तो न जाने कितने हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां और कितने युवाओं का भविष्य धुएं में उड़ जाता।
सबसे दुखद पहलू यह है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी चम्बा जिले के ही चुराह क्षेत्र के रहने वाले हैं। जिन हाथों में अपने परिवार और समाज को संभालने की जिम्मेदारी होनी चाहिए थी, वे हाथ नशे की तस्करी में लिप्त पाए गए। पुलिस ने 39 वर्षीय अनुज कुमार, 34 वर्षीय रफीक मोहम्मद और 36 वर्षीय जगदीश शर्मा को मौके से गिरफ्तार किया है। अब ये तीनों सलाखों के पीछे अपने किए पर पछतावा करेंगे।
इस कामयाबी पर एसपी चम्बा विजय कुमार सकलानी ने न केवल अपनी टीम की पीठ थपथपाई, बल्कि एक कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बचाने की है। पुलिस का यह ‘जीरो टॉलरैंस’ अभियान तब तक नहीं रुकेगा, जब तक नशे के इन सौदागरों की कमर पूरी तरह टूट नहीं जाती।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस जहर की जड़ें कहां तक फैली हैं… यह खेप कहां से लाई गई थी और किस युवा की नसें बर्बाद करने के लिए ले जाई जा रही थी। डल्हौजी पुलिस की यह कार्रवाई समाज के लिए राहत की सांस लेकर आई है।








