कहते हैं अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ उसकी गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं। जिला सिरमौर के नाहन में एक ऐसा ही वाकया सामने आया है, जहां पुलिस ने न केवल नशे के एक आदतन सौदागर को दबोचा, बल्कि उसकी चालाकी को भी बेनकाब कर दिया। जो ‘अनार’ दिवाली पर रोशनी फैलाने के काम आता है, आरोपी ने उसी का इस्तेमाल युवाओं की जिंदगी में अंधेरा घोलने वाले ‘चिट्टे’ को छिपाने के लिए किया था।
बता दें कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वाल्मीकि नगर में रहने वाल सोहन लाल नाम का शख्स फिर से नशे के काले कारोबार में सक्रिय हो गया है। पुलिस तुरंत आराेपी के घर में दबिश दी। जब तलाशी ली जा रही थी ताे लोहे की अलमारी में रखे एक जले हुए मिट्टी के ‘अनार’ पर पुलिस की नजर गई। जब उसे खोला गया तो पुलिस भी दंग रह गई। उसके भीतर से 10.11 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ नशे की बरामदगी तक सीमित नहीं रही। आरोपी के पास से नशे के इस काले धंधे से कमाए गए 17,550 रुपए नकद और करीब 92 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण भी मिले। यह दौलत गवाह है कि कैसे एक व्यक्ति ने कई परिवारों की खुशियों को गिरवी रखकर अपनी तिजोरी भरी थी।
एसपी एनएस नेगी ने बताया कि सोहन लाल इस धंधे का पुराना खिलाड़ी है। वह पहले भी नशा तस्करी के आरोप में जेल की हवा खा चुका है, लेकिन जेल की सलाखें भी उसे सुधार नहीं पाईं। बाहर आते ही उसने फिर से युवाओं को नशे के दलदल में धकेलना शुरू कर दिया था।
पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 6 दिन के रिमांड पर भेजा गया है। अब पुलिस के सामने चुनौती और मौका दोनों हैं…इस बात की तह तक जाने का कि सोहन लाल के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। उम्मीद है कि पुलिस की यह कार्रवाई शहर को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी लकीर खींचेगी।








