कहते हैं जब हौसले आसमान से ऊंचे हों और परवरिश में मां का त्याग शामिल हो, तो सफलता कदम चूमती है। पालमपुर की वीरभूमि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यहां के कण-कण में देशभक्ति बसती है। भवारना विकास खंड की ग्राम पंचायत बड़घवार के लिए आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है, जहां एक ही घर के दो सगे भाइयों ने भारतीय सेना की सबसे घातक और प्रतिष्ठित पैरा स्पेशल फोर्सेज में जगह बनाकर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।
वार्ड नंबर-3 के रहने वाले दो सगे भाइयाें शिवम कटोच और वंश कटोच ने अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। जानकारी के अनुसार दोनों भाई धर्मशाला में आयोजित सेना भर्ती रैली में एक साथ देश सेवा का सपना लेकर पहुंचे थे। सेना में पैरा रेजिमेंट का हिस्सा बनने के लिए शारीरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ होना अनिवार्य होता है। दोनों भाइयों ने मैदान पर अपनी फिटनैस का दम दिखाया और फोर्स में जगह पाई। अब बड़ा भाई शिवम पैरा रेजिमेंटल सैंटर बेंगलुरु में और छोटा भाई वंश आरटी सैंटर हैदराबाद में कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद दोनों देश की रक्षा में तैनात होंगे।
इन दोनों भाइयों की सफलता के पीछे एक भावुक कर देने वाला संघर्ष छिपा है। शिवम और वंश के सिर से पिता कुलदीप कटोच का साया बहुत पहले उठ गया था। पिता के जाने के बाद मां किरण कटोच ने अकेले ही पहाड़ जैसी चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने न केवल घर संभाला बल्कि बेटों को ऐसी परवरिश दी कि वे आज फौलाद बनकर निखरे हैं।
तमाम मुश्किलों के बावजूद मां ने बेटों को काबिल बनाया और आज जब दोनों बेटों का चयन भारतीय सेना के सबसे प्रतिष्ठित फाेर्स में हुआ है तो मां किरण कटोच की आंखों में खुशी के आंसू और दिल में अपार गर्व है। बड़घवार पंचायत और पूरे पालमपुर क्षेत्र में इन दोनों भाइयों की उपलब्धि पर जश्न का माहौल है।








