अपने बच्चों का ख्याल रखें… वरना एक छोटी सी लापरवाही किस कदर पूरे परिवार को जिंदगी भर का घाव दे सकती है, इसका ताजा और रूह कंपा देने वाला उदाहरण मंडी जिले के निहरी इलाके में देखने को मिला है। एक 10वीं कक्षा की नाबालिग बच्ची, जो नए साल से ठीक पहले घर से लापता हुई थी, उसका शव 6 दिन बाद ऐसी हालत में मिला जिसे देखकर पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों की भी रूह कांप गई।
रहस्यमय तरीके से हुई थी लापता
डाहलू भुवन देव की नाबालिग बेटी, जो अभी सिर्फ 10वीं में पढ़ती थी, 29 दिसम्बर को अचानक अपने घर से गायब हो गई। परिजनों ने अपने स्तर पर हर जगह तलाशा, रिश्तेदारों से पूछा, लेकिन जब उसकी कोई खबर नहीं मिली तो 1 जनवरी को BSL कॉलोनी पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एक हफ्ते तक परिवार उसकी सलामती की दुआएं मांगता रहा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
ड्रोन की मदद से मिला क्षत-विक्षत शव
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडी और निहरी पुलिस ने एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। घने जंगलों और दुर्गम रास्तों के कारण जब पैदल तलाश मुश्किल हुई, तो ड्रोन की मदद ली गई। ड्रोन कैमरों ने सड़क से काफी दूर एक गहरी ढांक (खाई) के पास जंगल के बीच बच्ची को लोकेट किया।
पिता ने बड़ी मुश्किल से की पहचान
जब रैस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा भयावह था। बच्ची का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा था। शरीर के कई हिस्सों पर जंगली जानवरों के नोचने के निशान थे। चेहरे और हाथ का मांस गायब हो चुका था। हालत इतनी खराब थी कि पिता ने बड़ी मुश्किल से शव की पहचान की।
क्या यह महज हादसा है?
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, लेकिन इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्ची अचानक घर से क्यों गई? क्या उसे किसी ने बहला-फुसलाकर वहां बुलाया था? वह इतनी दूर घने जंगल में अकेले कैसे पहुंची? फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके। इलाके में इस घटना के बाद से दहशत और मातम का माहौल है।
अभिभावकों के लिए एक बड़ी चेतावनी
यह घटना न केवल मंडी बल्कि हर उस मां-बाप के लिए एक चेतावनी है जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेफिक्र रहते हैं। आज के समय में बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखना और उनसे संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है।








