अपराध करने के बाद अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ उसकी गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं। ऐसा ही एक मामला हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से सामने आया है, जहां पंजाब में एक एनआरआई महिला की हत्या करने वाले दो आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद बचने के लिए इन आरोपियों ने ऐसा ठिकाना चुना था, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था।
पंजाब के कपूरथला में हुई सनसनीखेज हत्या के बाद दोनों आरोपी हिमाचल प्रदेश भाग आए। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने ऊना जिले के लालूवाल स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र को अपना ठिकाना बनाया। यहां उन्होंने खुद को नशे का आदी बताया और इलाज के नाम पर भर्ती हो गए। उनका मकसद था कि वे यहां मरीज बनकर रहेंगे तो जांच एजेंसियों की नजरों से दूर रहेंगे और किसी को उन पर शक भी नहीं होगा।
वहीं मर्डर केस की जांच कर रही पंजाब पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी हिमाचल की सीमा में छिपे हो सकते हैं। इसके बाद पंजाब पुलिस ने ऊना के हरोली थाना पुलिस के साथ संपर्क किया। दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लालूवाल के नशा मुक्ति केंद्र में छापेमारी की। रेड के दौरान पुलिस ने वहां भर्ती कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन शुरू में कोई सुराग नहीं मिला। अंत में जब पुलिस ने बलविंद्रजीत उर्फ तोता निवासी जालंधर और सुरिंद्र कुमार निवासी होशियारपुर से सख्ती से सवाल-जवाब किए, तो वे फंस गए। पूछताछ में दोनों की संलिप्तता उजागर हुई और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
यह पूरा मामला कपूरथला के सीनपुरा मोहल्ले का है। बीती 2 जनवरी को दो बाइक सवार युवकों ने घर में घुसकर 40 वर्षीय एनआरआई महिला हेमप्रीत कौर उर्फ हेमा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हेमा उस वक्त घर में अकेली थीं, जबकि उनके पति और बेटा कनाडा में रहते हैं। इस हत्या के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल था।
मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी संजीव भाटिया ने बताया कि पकड़े गए दोनों संदिग्धों को पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उन्हें अपने साथ ले गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस हत्या के पीछे का मुख्य कारण क्या था और इस साजिश में और कौन-कौन शामिल है।








