हिमाचल प्रदेश में वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला राजधानी शिमला से सामने आया है, जहां तैनात वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. यूनुस के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर ठगों ने फेसबुक पर नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों से पैसे मांगने की कोशिश की। इस बार ठगों की चाल ज्यादा देर नहीं चली। जैसे ही मामला डॉ. यूनुस तक पहुंचा ताे उन्होंने खुद फेसबुक पर पोस्ट डालकर फर्जी अकाऊंट का खुलासा कर दिया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
डॉ. यूनुस ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि “मेरे संज्ञान में यह बात आई है कि मेरे नाम और तस्वीरों का उपयोग करके कुछ नकली फेसबुक अकाऊंट चलाए जा रहे हैं। मैं सभी मित्रों से अनुरोध करता हूं कि इन अकाऊंट्स को स्वीकार न करें और न ही इनके साथ कोई संपर्क करें। इस मामले की सूचना फेसबुक और पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के लिए दी जा चुकी है। कृपया इन फर्जी प्रोफाइल्स को रिपोर्ट करके सहयोग करें।”
यह पहला मौका नहीं है जब शिमला में इस तरह का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी शिमला डीसी और एसडीएम शहरी शिमला की फर्जी आईडी बनाकर ठगी और दुरुपयोग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यानी साइबर ठग अब सीधे अधिकारी के नाम को ढाल बनाकर भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
डॉ. यूनुस 2010 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। वे कई जिलों में डीसी रह चुके हैं, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे आबकारी आयुक्त हैं और उनके पास उद्योग विभाग के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर नाम-तस्वीर देखकर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। डॉ. यूनुस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे अकाउंट्स को न तो स्वीकार करें, न बातचीत करें और न ही किसी तरह का भुगतान करें, बल्कि तुरंत रिपोर्ट करें।








