हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में जाे हुआ…भगवान ऐसा किसी के साथ न करे। एक साथ 4 भाइयों की अर्थी उठी और एकसाथ सबकी चिताएं जलीं। बेचारे जैसे एक साथ घर से निकले थे, वैसे ही इस दुनिया से चले गए। ऊना के चलेट गांव में जब अंतिम संस्कार की रस्में शुरू हुईं, तो अपनों की चीखों से वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा दहल गया। एक ही पल में चार सुहागिनों का सिंदूर मिट गया। यह मंजर जिसने भी देखा, उसका दिल कांप उठा, कई लोग तो सदमे से बेहोश तक होने लगे।
जब चारों भाइयों की अंतिम यात्रा निकली तो पूरा शहर उन्हें विदाई देने उमड़ पड़ा। आगे-आगे चार गाड़ियों में शव और पीछे-पीछे पूरा ऊना शहर। इस दृश्य को देखकर हर कोई भगवान को कोसते हुए यही कह रहा था कि “हे राम, ये तूने क्या किया?” श्मशानघाट पर जब अंतिम संस्कार की तैयारी हुई, तो क्रिमेशन शैड भी छोटा पड़ गया। हालात ये थे कि कुछ चिताएं शैड के अंदर जल रही थीं, तो कुछ को मजबूरी में बाहर जलाना पड़ा। जब एक साथ इन चिताओं को मुखाग्नि दी गई, तो फिजाएं भी दहक उठीं।
बता दें कि शनिवार का दिन इस परिवार के लिए काल बनकर आया। 4 भाई (चाचा-ताया के बेटे) सुखविंदर, सुशील, ब्रिज और अरुण घर से नई उम्मीदें और सपने लेकर अपने भतीजे अमित को अमृतसर एयरपोर्ट छोड़ने निकले थे। अमित का दुबई जाने का प्लान था, जो उसके उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत थी। सुबह भगवान का नाम लेकर निकले इन भाइयों को नहीं पता था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।
जैसे ही उनकी गाड़ी पंजाब में दाखिल हुई ताे होशियारपुर के अड्डा दोसड़का के पास काल ने उन्हें घेर लिया। पंजाब रोडवेज की बस से उनकी कार की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार बस के साथ घिसटती हुई दूर तक गई और सड़क किनारे बनी झुग्गियों के पास जाकर रुकी। गनीमत रही कि झुग्गियों में कोई नहीं था, वरना और बड़ा नुक्सान हो सकता था। मौके पर ही चारों भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि विदेश जा रहा अमित गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस हादसे ने पूरे हिमाचल को रुला दिया है। जिस अमित को विदेश भेजने की खुशी में सब साथ जा रहे थे, अब वही अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। अपनों को खोने का गम परिवार और पूरे गांव के लिए असहनीय है। बेचारों को मौत भी इतनी दर्दनाक मिली कि किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा। ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति दे और इस वज्रपात को सहने के लिए दुखी परिवार को शक्ति प्रदान करे।








