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चम्बा: पुलिस पर हमला कर नशा तस्कर काे छुड़ा ले गई भीड़, फिर हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए सबके होश

नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस का अभियान तब हाई-वोल्टेज ड्रामे में बदल गया, जब एक गिरफ्तार आराेपी को छुड़ाने के लिए गांव वालों की भीड़ पुलिस टीम पर ही टूट पड़ी। मामला चम्बा जिले के अंतर्गत आते तीसा क्षेत्र के शनेड़ा नाला का है।

एसआईयू प्रभारी इंस्पैक्टर गगनदीप सिंह और उनकी टीम नाकाबंदी कर मुस्तैदी से खड़ी थी। तभी झज्जाकोठी की तरफ से एक शख्स आता दिखा। पुलिस को देखते ही उसके पसीने छूट गए और वह हाथ में पकड़े बैग काे फैंककर भागने लगा। पुलिस ने भी फुर्ती दिखाई और घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। बैग खुला तो राज भी खुल गया। बैग में 1 किलाे 42 ग्राम चरस मौजूद थी। पुलिस ने तुरंत आरोपी सुभाष चंद (35), निवासी भामनोता काे हिरासत में ले लिया।

जैसे ही सुभाष को हिरासत में लिया गया ताे देखते ही देखते वहां 20 से 30 लोगों की उग्र भीड़ जमा हो गई। इस भीड़ का मकसद साफ था…पुलिस को रोकना और तस्कर को भगाना। भीड़ ने कानून की परवाह किए बिना पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और जबरन सुभाष चंद को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाकर ले गई।

भीड़ के हमले और आरोपी के भाग जाने के बावजूद एसआईयू टीम ने हार नहीं मानी। पुलिस ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए भाग रहे तस्कर और उसके साथियों का पीछा किया। भारी तनाव और मशक्कत के बाद, पुलिस ने मुख्य आरोपी सुभाष चंद को दोबारा गिरफ्तार कर ही दम लिया।

इस घटना ने पुलिस प्रशासन के तेवर सख्त कर दिए हैं। पुलिस पर हमला करने वालों में स्थानीय पंचायत प्रधान नीलमा देवी, लोभी और प्रकाश निवासी भमनोता समेत करीब 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, तस्कर सुभाष पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है।

एसपी चम्बा विजय कुमार सकलानी ने मामले पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वर्दी पर हाथ डालने वालों और नशा तस्करों को पनाह देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। भीड़ में शामिल हर चेहरे की पहचान की जा रही है, सलाखें उनका इंतजार कर रही हैं। फिलहाल, तीसा में पुलिस की इस दिलेरी की चर्चा हर जुबान पर है, वहीं उपद्रवियों में गिरफ्तारी का खौफ है।

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Author: Desk

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