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हिमाचल: देवभूमि में ‘सफेद जहर’ के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 364 ग्राम चिट्टे के साथ पति-पत्नी समेत 3 गिरफ्तार

हिमाचल की शांत वादियों में जिस चिट्टे (सफेद जहर) ने कई हंसते-खेलते परिवारों की खुशियों को ग्रहण लगा दिया है, उसके खिलाफ कुल्लू पुलिस ने अब उम्मीद की एक बड़ी मशाल जलाई है। चिट्टा मुक्त हिमाचल के सपने को सच करने की दिशा में पुलिस ने नशा माफिया पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह उन सैंकड़ों युवाओं और उनके माता-पिता के लिए राहत की सांस है, जो इस दलदल से डरते हैं। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 364 ग्राम चिट्टा बरामद कर यह साफ कर दिया है कि देवभूमि में नशे के सौदागरों के लिए अब कोई जगह नहीं है।

पति-पत्नी ही निकले मौत के सौदागर
इस कार्रवाई का सबसे चौंकाने वाला और दुखद पहलू मनाली के चचोग गांव में देखने को मिला। समाज में जिस पति-पत्नी के रिश्ते को गृहस्थी जोड़ने वाला माना जाता है, वहां एक दंपति ही दूसरों के घरों को उजाड़ने का सामान बेच रहा था। कुल्लू पुलिस को मिली गुप्त सूचना एकदम सटीक निकली। पुलिस ने दबिश देकर नशा तस्कर संगत राम और उसकी पत्नी डिंपल को गिरफ्तार किया। इनके पास से 303 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ है। सोचिए, अगर यह खेप बाजार में पहुंच जाती तो कितने युवाओं की जिंदगी बर्बाद होती। पुलिस ने इनके पास से एक बोलेरो गाड़ी और 7200 रुपए की नकदी भी जब्त की है, जो शायद किसी की जिंदगी के सौदे से कमाए गए थे।

पंजाब से जुड़े तार, भुंतर में भी बड़ी कार्रवाई
नशे का यह जाल सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं है, इसके तार मैदानी इलाकों से भी जुड़े हैं। पुलिस की दूसरी बड़ी कार्रवाई भुंतर में हुई, जहां पंजाब के जीरकपुर निवासी अमित गुप्ता को रंगे हाथों दबोचा गया। उसके पास से 61 ग्राम चिट्टा मिला है। यह गिरफ्तारी इस बात का सबूत है कि पुलिस न केवल स्थानीय तस्करों पर नजर रख रही है, बल्कि बाहर से आकर यहां जहर फैलाने वालों को भी बख्शने के मूड में नहीं है।

अब जड़ तक पहुंचेगी पुलिस, एसआईटी का किया गठन
मामले की गंभीरता को समझते हुए एसपी कुल्लू मदन लाल शर्मा ने इसे सिर्फ एक रिकवरी तक सीमित नहीं रखा है। उन्होंने साफ कहा है कि कुल्लू पुलिस जीरो टॉलरैंस की नीति पर काम कर रही है। इस नैटवर्क की जड़ों को खोदने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। एसपी ने मानवीय संवेदनाओं को समझते हुए कहा कि यह जानना बेहद जरूरी है कि यह जहर कहां से आया (बैकवर्ड लिंक) और इसे किन मासूमों तक पहुंचाया जाना था (फॉरवर्ड लिंक)। पुलिस का मकसद सिर्फ तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि उस पूरी चेन को तोड़ना है जो हमारी युवा पीढ़ी को खोखला कर रही है।

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Author: Desk

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