हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि देवभूमि में किसी भी तरह की अभद्रता या संस्कृति के विपरीत आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिमला में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ आपत्तिजनक वीडियो पर गहरी चिंता व्यक्त की और पर्यटकों को देवभूमि की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी।
अशोभनीय हरकतें देवभूमि की संस्कृति का अपमान
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटकों का स्वागत करता है, लेकिन यहां की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर अशोभनीय हरकतें देवभूमि की संस्कृति का अपमान हैं। ऐसे कृत्य समाज में गलत संदेश देते हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई पर्यटक नियमों का उल्लंघन करता है या अश्लील गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, लेकिन अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय मर्यादाओं का पालन करें।
बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए संजीवनी
लंबे समय से चल रहे सूखे के बाद प्रदेश में हुई बर्फबारी को मंत्री ने राज्य की आर्थिकी, विशेषकर किसानों और बागवानों के लिए संजीवनी बताया है। हालांकि, भारी बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित भी किया है। विक्रमादित्य सिंह ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश भर में 1291 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं और करीब 4800 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप्प पड़े हैं।
युद्धस्तर पर चल रहा सड़कों की बहाली का काम
लोक निर्माण विभाग सड़कों को खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। मंत्री ने बताया कि बर्फबारी की पूर्व चेतावनी को देखते हुए पहले ही मशीनरी तैनात करने की योजना बना ली गई थी। प्रदेशभर में 385 मशीनें (जेसीबी, डोजर, स्नो ब्लोअर) सड़कों से बर्फ हटाने में जुटी हैं। एक विशेष मॉनिटरिंग सेल जमीनी हालात पर नजर रख रहा है। विभाग ने चरणबद्ध तरीके से सड़कें बहाल करने का लक्ष्य रखा है। 24 जनवरी तक 625 सड़कें, 25 जनवरी तक 290 सड़कें और 27 जनवरी तक 324 सड़कें बहाल कर दी जाएंगी। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सड़कों को खोलने के लिए अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे ताकि आम जनता और पर्यटकों को कम से कम असुविधा हो।








