जब पूरा शहर और प्रशासन गणतंत्र दिवस पर तिरंगे को सलामी देने की तैयारियों में जुटा था, ठीक उसी वक्त नादौन पुलिस ने एक बंद दरवाजे के पीछे चल रहे ऐसे काले साम्राज्य पर धावा बोल दिया, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मामला हमीरपुर के नादौन उपमंडल के झलाण गांव का है। यहां मां-बेटे का रिश्ता प्यार और ममता का नहीं, बल्कि चिट्टे और बारूद के धंधे में सांझीदारी का निकला।
पुलिस को गुप्तचरों से खबर मिली थी कि झलाण गांव के एक घर में कुछ संदिग्ध चल रहा है। एसएचओ निर्मल सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जैसे ही घर की तलाशी शुरू हुई, पुलिस की आंखें फटी की फटी रह गईं। घर के अंदर से सिर्फ नशा ही नहीं, बल्कि गोला-बारूद भी बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी योगेश कुमार और उसकी मां रीना देवी को गिरफ्तार कर लिया है। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को 8.93 ग्राम चिट्टा और 0.48 ग्राम चरस, 1,01,800 रुपए नकद, गोला-बारूद, इलैक्ट्रॉनिक तराजू, फॉयल पेपर और नशे में इस्तेमाल हुआ 10 रुपए का जला हुआ नोट मिला है।
चिट्टा और चरस तो समझ में आता है, लेकिन एक रिहायशी घर में गोला-बारूद का क्या कर रहा था? क्या ये सिर्फ नशा तस्करी तक सीमित है या कोई बड़ी साजिश पनप रही थी? इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए अब पुलिस गहनता से जांच में जुट गई है।
एसएचओ निर्मल सिंह ने साफ कर दिया है कि पुलिस अब आरोपियों की कॉल हिस्ट्री और बैंक ट्रांजैक्शन खंगालेगी। यह पता लगाया जाएगा कि आखिर 1 लाख रुपए कैश और यह गोला-बारूद कहां से आया और इस नैटवर्क में और काैन-काैन शामिल है।
गणतंत्र दिवस से ठीक पहले मिली इस कामयाबी ने पुलिस के हौसले बुलंद कर दिए हैं। पुलिस ने नशे के सौदागरों को खुली चेतावनी दी है बिल में भी छिपोगे, तो ढूंढ निकालेंगे, साथ ही जनता से अपील की है कि अगर आपके आसपास भी कोई समाज की जड़ों में जहर घोल रहा है, तो पुलिस को खबर दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।








