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Video: सड़क पर पड़ी थी मंत्री की उद्घाटन पट्टिका, फिर कुल्लू के युवक ने कर दिया ऐसा काम…लोग कर रहे सलाम

राजनीति में नेताओं के प्रति दीवानगी और सम्मान के कई किस्से आपने सुने होंगे, लेकिन हिमाचल के कुल्लू से आई एक तस्वीर ने सबका दिल जीत लिया है। कुल्लू के इस युवक ने भीड़ का हिस्सा बनने की बजाय अपने नेता के सम्मान को बचाना जरूरी समझा।

मामला कुल्लू जिला के सैंज का है। यहां गिरी पुल के पास लगी उद्घाटन पट्टिका को शरारती तत्वों द्वारा तोड़ दिया गया था। इस पट्टिका पर हिमाचल के PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह और उनकी माता व पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह का नाम अंकित था। जिस चबूतरे पर यह पट्टिका लगी थी, उसकी ईंटें और पत्थर सड़क किनारे बिखरे पड़े थे। वहां से गुजरने वाले सैंकड़ों लोग इसे देख रहे थे, कुछ वीडियो बना रहे थे और तमाशबीन बनकर निकल रहे थे। लेकिन किसी ने भी उस पट्टिका को वहां से हटाने की जहमत नहीं उठाई।

इसी दाैरान वहां सैंज के स्थानीय दुकानदार गविश शर्मा की नजर इस टूटी हुई पट्टिका पर पड़ी। गविश के लिए यह सिर्फ पत्थर का एक टुकड़ा नहीं था, बल्कि इस पर उनके प्रिय नेता का नाम लिखा था। गविश ने बिना देर किए उस पट्टिका को वहां से उठाया और अपनी दुकान पर ले आए। गविश का कहना है कि जिस तरह हम भगवान का नाम जमीन पर नहीं देख सकते ताकि उस पर किसी के पैर न पड़ें, ठीक उसी तरह एक जन प्रतिनिधि और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के नाम का अपमान नहीं होना चाहिए। गविश ने अब उस पट्टिका को अपनी दुकान के आगे बड़े सम्मान के साथ सजा कर रखा है।

गौरतलब है कि जिस पुल की यह पट्टिका तोड़ी गई, वह कोई साधारण पुल नहीं है। 2023 की भीषण आपदा के दौरान जब 15 पंचायतों का संपर्क पूरी दुनिया से कट गया था, तब PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पुल की सौगात दी थी। लोगों की मुसीबत को समझते हुए इमरजेंसी में इसका निर्माण करवाया गया था।

गविश शर्मा का यह कदम उन लोगों के लिए एक सबक है जो राजनीति या द्वेष में यह भूल जाते हैं कि वे किस पद का अपमान कर रहे हैं। मंत्री को पसंद या नापसंद करना व्यक्तिगत हो सकता है, लेकिन उनके पद की गरिमा बनी रहनी चाहिए। फिलहाल, यह जांच का विषय है कि पट्टिका का गिरना शरारती तत्वों का काम है या बारिश की मार। लेकिन गविश ने जिस तरह विक्रमादित्य सिंह की पट्टिका को संभाला है, उसने यह साबित कर दिया है कि शिमला ही नहीं, कुल्लू में भी राजा साहब के परिवार के चाहने वालों की कमी नहीं है।

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Author: Desk

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