हिमाचल प्रदेश में राहत की सांस ले रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने एक बार फिर चिंताजनक खबर दी है। प्रदेश में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते 30 जनवरी की रात से लेकर 3 फरवरी तक मौसम का मिजाज बिगड़ने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने खतरे को भांपते हुए पूरे प्रदेश में यैलो अलर्ट जारी कर दिया है। आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में झमाझम बारिश होने के आसार हैं।
1 फरवरी को दिखेगा ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार, इस पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर 1 फरवरी को देखने को मिलेगा। इस दिन कुल्लू, चंबा और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले जनजातीय जिलों में भारी बर्फबारी की संभावना है, जबकि मध्यम ऊंचाई और मैदानी इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इतना ही नहीं, विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश और बर्फबारी के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई जगहों पर आसमानी बिजली गिरने की भी आशंका है। इसके अलावा 31 जनवरी, 2 फरवरी और 3 फरवरी को राज्य में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वहीं 4 फरवरी को राज्य में मौसम शुष्क रहेगा।
सैंकड़ों सड़कें और बिजली अब भी गुल
राज्य में मौसम बिगड़ने की खबर ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि पिछले दिनों हुई बर्फबारी से हालात अभी तक सामान्य नहीं हो पाए हैं। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 3 नैशनल हाईवे समेत करीब 652 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं। बुनियादी सुविधाओं पर भी भारी मार पड़ी है, जहां 669 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं और 147 पेयजल योजनाएं बाधित हैं। ऐसे में नई बर्फबारी से जनजीवन के और अधिक अस्त-व्यस्त होने का खतरा मंडरा रहा है।
तापमान में आएगी भारी गिरावट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने पुष्टि की है कि 30 जनवरी से आने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ 31 जनवरी और 1 फरवरी को अपने चरम पर होगा। इस बदलाव के कारण प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी। गौरतलब है कि इस साल जनवरी महीने में अब तक सामान्य से 29 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो यह दर्शाता है कि मौसम का मिजाज इस बार काफी सख्त है।








