हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सुरक्षा एजैंसियों ने एक बड़े ज्वाइंट ऑप्रेशन में बड़ी कामयाबी हासिल की है। नालागढ़ पुलिस थाना ब्लास्ट केस की गुत्थी सुलझाते हुए पंजाब पुलिस ने पाक-परस्त आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में नवांशहर से बब्बर खालसा के 2 गुर्गेें को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से एक आईईडी (इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) भी बरामद हुआ है।
पाकिस्तान से जुड़े साजिश के तार
डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने इस बड़ी सफलता की पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आतंकी सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे बीकेआई के मास्टरमाइंड हरविंदर सिंह रिंदा और उसके करीबी सुशांत चोपड़ा के इशारों पर नाच रहे थे। यह एक नार्को-टेररिज्म मॉड्यूल था, जिसका मकसद पुलिस संस्थानों को निशाना बनाकर दहशत फैलाना था।
गिरफ्तार आतंकियों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों की पहचान शमशेर सिंह उर्फ शेरू और प्रदीप सिंह उर्फ दीपू के रूप में हुई है। ये दोनों एसबीएस नगर (नवांशहर) के राहों कस्बे के रहने वाले हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ये दोनों स्थानीय हैंडलर गुरप्रीत उर्फ गोपी नवांशहरिया के सीधे संपर्क में थे।
नए साल पर दहलाने की थी साजिश
पुलिस की पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों ने कबूला है कि उन्होंने 31 दिसम्बर, 2025 को अपने 2 अन्य साथियों के साथ मिलकर पंजाब से हिमाचल प्रदेश में आईईडी की खेप पहुंचाई थी। इसी विस्फोटक का इस्तेमाल 1 जनवरी, 2026 को नालागढ़ पुलिस थाने को उड़ाने की साजिश में किया गया।
छापेमारी जारी, 2 और आरोपियों की तलाश
नवांशहर के एसएसपी तुषार गुप्ता ने बताया कि राहों पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले की जांच के दौरान इन आतंकियों का सुराग मिला। नालागढ़ धमाके में शामिल दो अन्य आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।








