उत्तराखंड के क्वानू में हुए HRTC बस हादसे ने हर किसी काे झकझोर कर रख दिया है। इस भीषण दुर्घटना में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हैं। लेकिन इस मातम के बीच हादसे में बाल-बाल बची एक छोटी बच्ची ने जो आंखों देखा हाल सुनाया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। मासूम ने बताया कि कैसे एक पल में सब कुछ खत्म हो गया और किसकी गलती से यह हादसा हुआ।
ड्राइवर की कोई गलती नहीं, धरती मां ने ही साथ छोड़ दिया
हादसे में घायल छोटी बच्ची ने बताया कि वह भगवान श्रीराम की परम भक्त है और शायद उन्हीं की कृपा से उसकी जान बची है। बच्ची के मुताबिक, बस अपनी रफ्तार में थी तभी सामने से एक ट्रक आया। तंग सड़क पर ट्रक को पास देने के लिए ड्राइवर ने जैसे ही बस को किनारे किया वैसे ही हादसा हाे गया। बच्ची ने साफ कहा कि इसमें बस ड्राइवर की कोई गलती नहीं थी। उसने कहा कि अगर बस की जगह वहां ट्रक होता, तो वो भी नीचे चला जाता, क्योंकि धरती मां ने ही साथ छोड़ दिया था।
अंदर से खाेखला हाे चुका था डंगा
हादसे की जो तस्वीरें और कारण सामने आए हैं, वे सिस्टम की घोर लापरवाही को उजागर करते हैं। जिस जगह बस गिरी, वहां सड़क बेहद तंग थी। सड़क के किनारे न तो कोई क्रैश बैरियर था और न ही कोई पैरापिट। जांच में पता चला है कि जिस डंगे पर सड़क टिकी थी, वह अंदर से खोखला हो चुका था। हाल ही में हुई बारिश के कारण मिट्टी खिसक गई थी और वह हिस्सा बेहद कच्चा हो गया था। जैसे ही बस का वजन किनारे पर पड़ा, पूरी सड़क भरभरा कर बैठ गई और बस 100 मीटर नीचे खाई में जा गिरी।
पानी में गिरने से गई महिला की जान
मासूम बच्ची ने हादसे का वह दर्दनाक पहलू भी बताया जिसे सुनकर दिल दहल जाए। उसने बताया कि जब बस खाई में लुढ़क रही थी, तब एक महिला बस से छिटक कर सीधे नीचे बह रहे नाले के पानी में जा गिरी। पानी में डूबने और चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में कुल तीन लोगों (एक पुरुष और दो महिलाएं) की जान गई है। किस्मत खराब थी या सिस्टम की नाकामी, यह तो बहस का विषय है, लेकिन ये हादसा कई परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे गया है और यह सवाल छाेड़ गया है कि आखिर कब तक इस तरह पहाड़ाें में लाेगाें काे अपनी जान गंवानी पड़ेगी। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि मृतकों की आत्मा को शांति मिले और घायलों को जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।








