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हिमाचल: बस हादसे के बाद जिस नाेटाें से भरे बैग काे लेकर मचा था बवाल, देखें काैन निकला उसका असली मालिक

उत्तराखंड के क्वानू में बीते रोज हुए दर्दनाक HRTC बस हादसे के बाद इंसानियत को शर्मसार और पुलिस के जज्बे को सलाम करने वाली एक घटना सामने आई है। जहां एक तरफ खाई में गिरी बस के पास चीख-पुकार मची थी और तीन लाशें पड़ी थीं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों की आंखों में नोटों की गड्डियां देखकर लालच तैरने लगा। गनीमत रही कि कालसी पुलिस की मुस्तैदी ने किसी की खून-पसीने की कमाई को लुटने से बचा लिया।

हादसे के वक्त स्थिति बेहद भयावह थी। लोग घायल यात्रियों को निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कुछ तमाशबीन मौके का फायदा उठाने की फिराक में थे। इसी बीच एक नौजवान ने शोर मचाया कि बस में उसके रिश्तेदार का एक बैग है जिसमें लाखों रुपए हैं। ‘लाखों रुपए’ का शब्द सुनते ही वहां मौजूद कई लोगों के कान खड़े हो गए। मदद करने की बजाय कुछ लोग पागलों की तरह वह बैग तलाशने लगे, जिसमें रुपए थे। जैसे ही नोटों से भरा थैला मिला, उसे हथियाने के लिए कई झूठे दावेदार पैदा हो गए। किसी ने कहा, यह बैग मेरे मामा का है, तो कोई रिश्तेदार का हवाला देकर उस पर हक जताने लगा। बैग में 500, 200 और 100 के नोटों का ढेर देखकर कईयों का ईमान डोल गया था।

मौके की नजाकत को भांपते हुए उत्तराखंड की कालसी पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस ने देखा कि नोटों को लेकर बवाल हो सकता है, इसलिए उन्होंने तुरंत बैग को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस का पहला मकसद भीड़ को हटाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाना और किसी की मेहनत की कमाई को गलत हाथों में जाने से रोकना था। पुलिस ने जब बैग की जांच की तो झूठे दावेदारों की पोल खुल गई। बैग में कुल 3 लाख 20 हजार रुपये बरामद हुए। इसमें 500 रुपये के 635 नोट, 200 रुपये के 9 नोट और 100 रुपये के 7 नोट थे।

छानबीन के बाद पता चला कि पैसों का असली मालिक वह नहीं था जो वहां दावे कर रहे थे, बल्कि यूपी निवासी अब्दुल क्यूम (36) थे। अब्दुल क्यूम शिमला के चौपाल स्थित नेरवा में क्रॉकरी की दुकान चलाते हैं और वह खुद उस बस में सफर कर रहे थे। हादसे में वह घायल हो गए थे और फिलहाल उत्तराखंड के विकासनगर सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं। कालसी पुलिस ने अस्पताल में भर्ती अब्दुल क्यूम से फोन पर बात की और पूरी तसल्ली की। सत्यापन के बाद, पुलिस ने अब्दुल क्यूम के परिवार को बुलाया। इसके बाद एसडीएम चकराता की मौजूदगी में पुलिस ने पूरी ईमानदारी के साथ पैसों से भरा बैग अब्दुल क्यूम की बेटी को सौंप दिया।

अक्सर हादसों के बाद कीमती सामान चोरी होने की खबरें आती हैं, लेकिन कालसी पुलिस ने जिस तरह से भीड़ के बीच से बैग को सुरक्षित निकाला और उसके असली मालिक तक पहुंचाया, वह वाकई काबिले तारीफ है। पुलिस की इस तत्परता ने एक मेहनतकश इंसान की जमा-पूंजी को लुटने से बचा लिया।

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Author: Desk

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