आधुनिक दौर में डिजिटलाइजेशन ने जहां काम आसान किए हैं, वहीं कभी-कभी यह आम आदमी के लिए किसी सिरदर्द से कम साबित नहीं होता। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके स्मार्ट कैमरों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे में टोटल लॉस हुई गाड़ी, मालिक के मोबाइल पर पहुंचा चालान का मैसेज
मामला आकाश गैस सर्विस के मालिक की एक गाड़ी का है। बताया जा रहा है कि यह गाड़ी 8 जुलाई 2025 को एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई थी। हादसा इतना भयानक था कि इंश्योरैंस कंपनी ने इसे टोटल लॉस घोषित कर दिया। पिछले 7 महीनों से यह गाड़ी चलने की हालत में भी नहीं है और एक ही जगह खड़ी धूल फांक रही है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि कबाड़ हुई गाड़ी का चालान मालिक के मोबाइल पर पहुंच गया।
बिना सड़क पर उतरे ही कट गया चालान
गैस सर्विस के मैनेजर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जो गाड़ी सड़क पर उतरी ही नहीं, उसका चालान कटना समझ से परे है। चालान का मैसेज आते ही मालिक और कर्मचारी सन्न रह गए। सवाल यह उठता है कि अगर गाड़ी खड़ी है, तो सिस्टम ने इसे सड़क पर चलते हुए कैसे पकड़ा? क्या यह किसी तकनीकी खराबी का नतीजा है या फिर किसी और गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल हो रहा है?
दूसरी बार हुई है ऐसी घटना
हैरानी की बात यह है कि इस गाड़ी के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी कांगड़ा फोरलेन के पास घट्टा में इस गाड़ी का चालान काटा गया था, जबकि गाड़ी वहां गई ही नहीं थी। उस समय शिकायत करने और जांच होने के बाद विभाग ने अपनी गलती मानी थी और चालान रद्द कर दिया था। लेकिन अब दोबारा वही गलती दोहराई गई है, जिससे परेशान होकर मालिक अब सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
क्या जनता काे इसी तरह भुगतना पड़ेगा तकनीकी खामियों का खामियाजा?
फिलहाल गाड़ी के मालिक इस गलत चालान को रद्द करवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। यह घटना एक बड़े सवाल को जन्म देती है कि क्या हमारा स्मार्ट सिस्टम इतना भी स्मार्ट नहीं है कि वह खड़ी गाड़ी और चलती गाड़ी के बीच फर्क कर सके? या फिर जनता को इसी तरह तकनीकी खामियों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा? अगर आपकी गाड़ी घर पर खड़ी हो और चालान का मैसेज आ जाए, तो आप क्या करेंगे? क्या आपको लगता है कि ऑटोमैटिक चालान सिस्टम में सुधार की सख्त जरूरत है?








