हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के सौली खड्ड के किनारे एक निजी बस कंडक्टर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। मृतक की पहचान बगलयारा लंबाथाच निवासी 36 वर्षीय रविंद्र (उर्फ रिंकू) के रूप में हुई है। परिजनों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि रविंद्र की हत्या की गई है और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को खड्ड किनारे फैंका गया है।
जानकारी के अनुसार रविंद्र शनिवार देर शाम अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद मंडी पहुंचा था। वह अपने परिवार का इकलौता सहारा था और मेहनत-मजदूरी कर घर चलाता था। बताया जा रहा है कि शनिवार रात वह मंडी पहुंचने के बाद अपने कुछ दोस्तों के पास रुका था। उस वक्त उसके साथ तीन साथी मौजूद थे। रविंद्र के पास बस की सवारियों से इकट्ठा किए गए पैसों का बैग, जैकेट और जूते भी थे, लेकिन रविवार सुबह जब उसकी लाश मिली, तो मंजर कुछ और ही था।
घटनास्थल पर रविंद्र का शव बिना जूतों और बिना जैकेट के पाया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उसके पास मौजूद पैसों से भरा बैग भी गायब था। हालांकि, पुलिस को तलाशी के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर उसका कुछ अन्य सामान बरामद हुआ है। मृतक के सिर पर गहरी चोट के निशान पाए गए हैं, जो किसी भारी वस्तु से हमले की ओर इशारा कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि लूटपाट के इरादे से रविंद्र को मौत के घाट उतारा गया है।
मंडी पुलिस और फोरैंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब उन तीन दोस्तों से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है जिनके साथ रविंद्र ने आखिरी वक्त बिताया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस इलाके में लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि शनिवार रात रविंद्र की मूवमैंट और उसके साथ मौजूद लोगों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। रविंद्र की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस घर का चिराग चार पैसे कमाने निकला था, उसकी लाश घर लौटने की खबर ने पूरे गांव में मातम पसरा दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस गुत्थी को कब तक सुलझा पाती है।








