हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने सोमवार को अपनी धर्मपत्नी और परिवार के सदस्यों के साथ विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश के शिल्पकारों की कलाकृतियों का अवलोकन किया और कहा कि यह मेला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं को वैश्विक मंच प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम है।
शिल्पकारों से किया संवाद, कला की सराहना की
मेले के भ्रमण के दौरान डॉ. शर्मा ने विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए शिल्पकारों के स्टालों पर जाकर उनके द्वारा तैयार हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को देखा। उन्होंने शिल्पकारों से सीधे संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। मंत्री ने कहा कि यह मेला कलाकारों की आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दे रहा है, जिससे पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा मिल रही है।
सूफी संगीत की स्वर लहरियों ने बांधा समां
पर्यटन मंत्री ने मेले के मुख्य आकर्षणों में से एक, प्रसिद्ध सूफी गायक और शास्त्रीय संगीतकार कशिश मित्तल की भावपूर्ण प्रस्तुति का भी आनंद लिया। सूफी और शास्त्रीय संगीत के इस अनूठे संगम ने वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि ऐसी प्रस्तुतियां मेले के वातावरण को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर देती हैं।
हरियाणा पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड मेला आज हरियाणा की वैश्विक पहचान बन चुका है। पर्यटकों के भारी उत्साह को देखते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार इस मेले को और अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उनके साथ उपस्थित रहे।








