किस्मत देखिए… जिस पल का सारी उम्र इंतजार किया, उस पलो को देखने से ठीक पहले आंखें बंद हो गई। कभी-कभी किस्मत भी बड़ा अजीब खेल खेलती है, खुशियां दरवाजे पर होती हैं और उसी पल गम का पहाड़ टूट पड़ता है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बद्दी से एक ऐसी ही ह्रदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक घर में पोते की बारात निकलने की तैयारियां हो रही थीं, लेकिन शहनाइयों की गूंज के बीच अचानक चीख-पुकार मच गई। जिस दादा ने पोते के सिर पर सेहरा सजते देखने का सपना देखा था, बारात निकलने से चंद घंटे पहले उनकी अर्थी उठ गई।
नगर निगम बद्दी के वार्ड नंबर-2 के रहने वाले नीलम कुमार के बेटे सागर की शादी का उत्सव चल रहा था। घर और गली को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और चुनरियों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। मंगलवार को बारात ऊना के लिए रवाना होनी थी। घर में नाच-गाना और हंसी-ठिठोली का माहौल था। हर कोई नई दुल्हन के स्वागत की तैयारियों में जुटा था, लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था।
रविवार की रात करीब 11 बजे, दूल्हे के दादा 82 वर्षीय मदन लाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक, उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। आनन-फानन में परिवार उन्हें चंडीगढ़ स्थित PGI ले जाने के लिए निकला, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मदन लाल लंबे समय से दुकान चलाते थे और उन्हें ब्रेन हैमरेज की भी शिकायत थी।
दादा मदन लाल अपने पोते की शादी को लेकर बेहद उत्साहित थे। वह अपनी आंखों के सामने पोते की बहू का गृह प्रवेश देखना चाहते थे, लेकिन उनकी यह इच्छा अधूरी रह गई। जिस घर से मंगलवार को बारात निकलनी थी, वहां से सोमवार को बुजुर्ग की अंतिम यात्रा निकली। शादी के टेंट के नीचे अब अफसोस करने वाले लोगों की भीड़ जमा है। सजावट की लाइटें अब बेरंग नजर आ रही हैं और संगीत की जगह सिसकियों ने ले ली है।
इस दुखद घटना ने न केवल परिवार को, बल्कि पूरे बद्दी शहर को गमगीन कर दिया है। एक महीने से जिस शादी की तैयारियां चल रही थीं, वह पल भर में शोक में बदल गईं। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं। लोग यही कह रहे हैं कि भगवान ऐसा दिन किसी दुश्मन को भी न दिखाए।
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