हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में नशे के सौदागरों की अब खैर नहीं है। जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ छेड़ी गई जंग में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस बार पुलिस के हत्थे चढ़ी हैं तीन ऐसी महिलाएं, जो पैदल यात्री बनकर नशे के काले कारोबार को अंजाम दे रही थीं। पुलिस थाना पुरुवाला के तहत सिंघपुरा चौकी की टीम ने गश्त के दौरान इन तीनों महिलाओं को दबोचा है।
जानकारी के अनुसार सिंघपुरा पुलिस की टीम इलाके में मुस्तैद थी। खोदरी माजरी मार्ग से गांव गोजर की तरफ आ रही तीन महिलाओं की नजर जैसे ही खाकी पर पड़ी, उनके चेहरे का रंग उड़ गया। पुलिस को देखकर वे पीछे मुड़ने और भागने की फिराक में थीं, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। जब उनकी तलाशी ली गई, तो पुलिस भी दंग रह गई। उनके पास से कुल 835 ग्राम चरस बरामद की गई।
गिरफ्तार की गई तीनों महिलाएं पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के विकासनगर इलाके की रहने वाली हैं। इनकी पहचान शानु राय निवासी शाहपुर कल्याणपुर, धर्मावाला, बबीता निवासी भीमावाला, विकासनगर और आशिया परबीन निवासी विद्यापीठ मार्ग, विकासनग के रूप में की गई है।
एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। लेकिन पुलिस यहीं रुकने वाली नहीं है। अब पुलिस ये पता लगाने की काेशिश कर रही है कि नशे की खेप कहां से लाई गई थी? इसे हिमाचल या उत्तराखंड के किसे सप्लाई किया जाना था? और इस नेटवर्क के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है?
एसपी ने साफ संदेश दिया है कि सिरमौर की धरती पर नशे का कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्थानीय जनता से अपील की है कि वे पुलिस की आंख और कान बनें। अगर कहीं भी नशे की गंध आए तो तुरंत पुलिस को बताएं ताकि देवभूमि की जवानी को बर्बाद होने से बचाया जा सके।








