हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के तीसा स्थित एसडीएम कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब परिसर में लगे एक स्मार्ट बिजली मीटर में अचानक आग लग गई। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों की तत्परता और सूझबूझ के चलते आग को फैलने से रोक लिया गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि, इस घटना ने सरकार और बिजली बोर्ड द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
धुआं उठते देख कर्मचारियों ने दिखाई तत्परता
प्रत्यक्षदर्शियों और कार्यालय सूत्रों के अनुसार घटना शुक्रवार दोपहर की है। कार्यालय में कामकाज चल रहा था कि तभी अचानक दीवार पर लगे स्मार्ट मीटर से धुआं और चिंगारियां उठती दिखाई दीं। इससे पहले कि आग विकराल रूप धारण करती या बिजली की तारों के जरिये पूरी इमारत में फैलती, वहां मौजूद कर्मचारियों ने गजब की फुर्ती दिखाई। कर्मचारियों ने खतरे को भांपते हुए बिना समय गंवाए मुख्य बिजली कनैक्शन को काट दिया और मेन स्विच बंद कर दिया। बिजली आपूर्ति बंद होने से आग आगे नहीं फैल सकी और उसे तुरंत काबू में कर लिया गया।
तकनीकी टीम ने लिया जायजा
वहीं घटना की सूचना तुरंत हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के स्थानीय अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और मीटर समेत पूरी वायरिंग का निरीक्षण किया। टीम ने स्थिति को सामान्य किया। राहत की बात यह है कि इस घटना में जान-माल का कोई बड़ा नुक्सान नहीं हुआ है, लेकिन कुछ समय के लिए कार्यालय परिसर में स्थिति तनावपूर्ण और भयभीत करने वाली बन गई थी।
स्मार्ट मीटर की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड इन दिनों पूरे प्रदेश में पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान में जुटा है। विभाग द्वारा इसे आधुनिक, सुरक्षित और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, लेकिन तीसा के एसडीएम कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण सरकारी इमारत में हुए इस हादसे ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में स्मार्ट मीटरों में खराबी या आग लगने की इक्का-दुक्का घटनाओं के बाद लोगों में इनके प्रति अविश्वास पनपने लगा है।
क्या कह रहे हैं स्थानीय लोग
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि, यदि एसडीएम कार्यालय जैसे सरकारी भवन, जहां देखरेख की व्यवस्था बेहतर होती है, वहां स्मार्ट मीटर में आग लग सकती है तो आम उपभोक्ताओं के घरों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? घरों में मीटर अक्सर ऐसी जगहों पर होते हैं जहां आग लगने पर बड़ा नुक्सान हो सकता है।








