देवभूमि हिमाचल प्रदेश के युवाओं को नशे के गहरे दलदल में धकेलने की एक बड़ी साजिश को शिमला पुलिस ने नाकाम कर दिया है। नशा माफिया के खिलाफ चल रही जंग में पुलिस के हाथ इस साल की एक बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने शिमला में 288 ग्राम चिट्टा बरामद कर एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस सफेद जहर की कीमत करीब 20 से 25 लाख रुपए आंकी जा रही है।
जानकारी के अनुसार शिमला पुलिस की स्पैशल सैल टीम आईएसबीटी (बस स्टैंड) इलाके में अपनी रूटीन गश्त पर थी। इसी बीच मुखबिर से एक पक्की खबर मिली कि आईएसबीटी की पहली मंजिल पर एक व्यक्ति हाथ में कैरी बैग लिए संदिग्ध हालत में घूम रहा है। मुखबिर का शक था कि उसके पास भारी मात्रा में ड्रग्स है और वह वहां किसी ग्राहक को माल की डिलीवरी देने के इंतजार में है। बिना एक पल गंवाए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को अचानक अपने सामने देखकर आरोपी के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं और वह घबरा गया। जब पुलिस ने शक के आधार पर उसकी तलाशी ली, तो उसके बैग से 288 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान 42 वर्षीय शमशाद अहमद के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के अंबाला का रहने वाला है। उसके खिलाफ तुरंत एनडीपीसी एक्ट की सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई को केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं माना जा रहा है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि शमशाद हिमाचल में अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने के इरादे से आया था। पुलिस अब उससे सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इस 25 लाख रुपए के माल का असली खरीददार शिमला में कौन था और हरियाणा से लेकर हिमाचल तक फैले इस नैटवर्क का सरगना कौन है? फिलहाल, पुलिस को उम्मीद है कि शमशाद की गिरफ्तारी से नशा तस्करी के एक बहुत बड़े गिरोह का पर्दाफाश होगा और आने वाले दिनों में कुछ और ‘तस्कर सलाखों के पीछे नजर आएंगे।







