हिमाचल प्रदेश के पठानकोट-चंबा नेशनल हाईवे पर बारिश के बीच हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। नियति का क्रूर मजाक देखिए कि यह परिवार चंडीगढ़ पीजीआई से अपने 8 महीने के मासूम बच्चे के कान का सफल ऑप्रेशन करवाकर खुशी-खुशी घर लौट रहा था। लेकिन रास्ते में अनियंत्रित होकर कार गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में दादा, बेटे-बहू, मासूम पोते और भतीजी सहित परिवार की तीन पीढ़ियां एक साथ काल का ग्रास बन गईं।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा सोमवार देर रात उस वक्त हुआ जब इलाके में तेज बारिश हो रही थी। रात का अंधेरा और सुनसान रास्ता होने के कारण इस खौफनाक हादसे का तुरंत किसी को पता नहीं चल सका। पूरी रात कार सवारों के शव क्षतिग्रस्त गाड़ी में ही फंसे रहे। मंगलवार सुबह करीब पौने सात बजे चंबा पुलिस को दुर्घटना की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गैहरा के निवासी बच्चन सिंह की थी। हादसे में बच्चन सिंह, उनके बेटे रिपन, बहू रिंपी, 8 महीने के पोते और भतीजी कीर्ति राणा की जान चली गई है। मृतक रिपन हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में पौंग डैम में सेवारत था। पुलिस में भर्ती होने से पहले रिपन ने कुछ समय तक होमगार्ड के रूप में भी अपनी शानदार सेवाएं दी थीं।
इस दर्दनाक हादसे का एक और रुला देने वाला पहलू भतीजी कीर्ति राणा से जुड़ा है। कीर्ति चंडीगढ़ में एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी और बच्चे के इलाज के दौरान परिवार के साथ थी। दुखद इत्तेफाक यह है कि कीर्ति के पिता का भी कुछ साल पहले ठीक इसी तरह एक सड़क हादसे में निधन हो गया था। अब इस दुर्घटना ने परिवार को एक ऐसा जख्म दे दिया है, जो कभी नहीं भर सकेगा।
दुर्घटनास्थल की स्थिति बेहद खराब होने के कारण पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शवों को गाड़ी से और फिर गहरी खाई से बाहर निकाला। ग्राम पंचायत गैहरा की प्रधान इंदू ने इस हृदयविदारक घटना की पुष्टि की है। फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों (जैसे बारिश, खराब सड़क या विजिबिलिटी) की जांच की जा रही है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद सभी शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। एक साथ एक ही परिवार की पांच अर्थियां उठने की खबर से पूरे भरमौर क्षेत्र में भारी शोक और मातम पसर गया है।






