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हिमाचल: चिट्टे के कारोबार पर पुलिस का बड़ा प्रहार, चंडीगढ़ का बैंक कर्मी और पंजाब का सप्लायर गिरफ्तार

देवभूमि हिमाचल को नशे के दलदल में धकेलने वाले ड्रग माफियाओं की अब खैर नहीं है। शिमला पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार और चिट्टा तस्करी के खिलाफ एक ऐसा ऑप्रेशन चलाया है, जिसकी गूंज चंडीगढ़ और पंजाब तक सुनाई दे रही है। पुलिस अब सिर्फ छोटे पैडलर्स तक अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रख रही, बल्कि बैकवर्ड लिंकेज के जरिए उन मगरमच्छों तक पहुंच रही है, जो इस काले कारोबार की जड़ हैं।

जानकारी के अनुसार सदर थाना पुलिस ने 8 सितम्बर को कृष्णानगर के रहने वाले सनमजीत और सुमित सपरा को 5 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जब इन दोनों से सख्ती से पूछताछ हुई, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं और तार जुड़े चंडीगढ़ के मनीमाजरा से। पुलिस की टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए मनीमाजरा से गौरव तिशावर नाम के शख्स को धर दबोचा। हैरानी की बात यह है कि गौरव पेशे से एक सहकारी बैंक का कर्मचारी है, जो नौकरी की आड़ में मौत का यह काला कारोबार चला रहा था। पुलिस ने जब गौरव के घर की तलाशी ली, तो वहां से 9.31 ग्राम चिट्टा और बरामद हुआ। आरोपी को अब अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

उधर, ढली थाना पुलिस ने भी एक दूसरे ऑप्रेशन में कामयाबी के झंडे गाड़े हैं। 28 अगस्त को भट्टाकुफर-ढली टनल के पास गश्त के दौरान पुलिस ने सुन्नी के दुष्यंत और आनी के अक्षय को 6.5 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा था। जब पुलिस ने इनकी कॉल डिटेल्स और बैंक खातों को खंगाला, तो पता चला कि नशे की यह खेप पंजाब के फाजिल्का से आ रही थी। जांच में 10,500 रुपए की सस्पेक्टेड ट्रांजैक्शन ने सारा राज खोल दिया। इन्हीं इलेक्ट्रॉनिक सुरागों का पीछा करते हुए ढली पुलिस की एक टीम सीधा पंजाब पहुंची और 14 सितम्बर को फाजिल्का के गांव मोजेवाला से 24 वर्षीय अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। अजय ही वो मुख्य सप्लायर था, जिसने मोहाली में यह खेप पहुंचाई थी। आरोपी को अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

शिमला पुलिस की इस कार्रवाई ने ड्रग माफियाओं की नींद उड़ा दी है। मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी मेहर पंवार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस का लक्ष्य अब सप्लाई चेन को जड़ से काटना है। इन दोनों मामलों में अब तक कुल 15.81 ग्राम चिट्टा बरामद किया जा चुका है। पुलिस का यह एक्शन सीधा संदेश है कि नशे के तस्कर चाहे किसी भी राज्य की सीमा में क्यों न छिपे हों, कानून के लंबे हाथ उन तक पहुंच ही जाएंगे।

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Author: Desk

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