आखिर एक 13 साल के बच्चे के मन में ऐसा क्या चल रहा होगा कि उसने जिंदगी से हार मानकर मौत को गले लगा लिया? हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं से आई एक हृदयविदारक घटना ने समाज और अभिभावकों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यहां 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक मासूम ने अपने ही घर में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
सोमवार शाम को घुमारवीं उपमंडल के एक गांव में यह दर्दनाक घटना पेश आई। बच्चा अपने कमरे में था और घर में सामान्य माहौल था। अचानक कमरे में छाई लंबी खामोशी ने परिजनों को डरा दिया। जब माता-पिता कमरे में गए, तो उन्होंने अपने जिगर के टुकड़े को फंदे पर लटका पाया। आनन-फानन में बच्चे को सिविल अस्पताल घुमारवीं ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक पड़ीं।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, लेकिन इस घटना ने पीछे एक बड़ा सवाल छोड़ दिया है। बच्चे के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छोटी-सी उम्र में इस अप्रत्याशित कदम ने इलाके के लोगों को हैरान कर दिया है।
डीएसपी घुमारवीं विशाल वर्मा के अनुसार पुलिस की टीम ने मौके का मुआयना कर साक्ष्य जुटा लिए हैं। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पुलिस गहराई से मामले की छानबीन कर रही है। यह घटना इस बात पर भी जोर देती है कि अभिभावकों को अपने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके व्यवहार में आ रहे बदलावों पर बारीकी से नजर रखने की कितनी जरूरत है।







