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ओमान में तेल टैंकर पर अमेरिकी नौसेना का हमला, हिमाचल के लाल की गई जान; 8 महीने पहले ज्वाइन की थी मर्चेंट नेवी

हिमाचल प्रदेश से हजारों मील दूर, समंदर में सुलग रही ईरान-अमेरिका की आग ने हमीरपुर के एक हंसते-खेलते परिवार के सारे अरमान जलाकर राख कर दिए हैं। ओमान तट के पास होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी नौसेना के भीषण हमले में हमीरपुर के 24 वर्षीय होनहार युवा आदित्य शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई। जो युद्ध भारत का था ही नहीं, उस विदेशी युद्ध की वेदी पर हिमाचल के एक गरीब परिवार का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया।

हमीरपुर के गलोड़ क्षेत्र की हरेटा पंचायत के भालू गांव में इस वक्त ऐसा सन्नाटा है, जो चीख-चीख कर एक पिता की बेबसी बयां कर रहा है। आदित्य के पिता राजेश शर्मा जालंधर में एक बेहद मामूली प्राइवेट नौकरी करते हैं। माता सुषमा एक साधारण गृहणी हैं। माता-पिता ने अपना पेट काटकर, पाई-पाई जोड़कर अपने इकलौते बेटे को चेन्नई से मर्चेंट नेवी का कोर्स करवाया था। आदित्य (डेक कैडेट) के कंधों पर अपने परिवार की गरीबी दूर करने और बुढ़ापे का सहारा बनने की जिम्मेदारी थी। यह उसकी पहली बड़ी पोस्टिंग थी। महज 8 महीने पहले ही वह सुनहरे भविष्य का सपना लेकर घर से निकला था, लेकिन किसे पता था कि समंदर की लहरों पर उसका सामना मौत से होगा। घर में बुजुर्ग दादी बार-बार अपने पोते का नाम लेकर बेसुध हो रही हैं, उन्हें अब भी यकीन नहीं है कि उनका आदी अब कभी लौटकर नहीं आएगा।

जानकारी के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना ने जिस तेल टैंकर को निशाना बनाया, उस पर कुल 24 सदस्य सवार थे। हमले के बाद 21 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया, लेकिन किस्मत ने आदित्य सहित तीन भारतीयों का साथ नहीं दिया और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अब परिवार की बस एक ही गुहार है कि बेटे के अंतिम दर्शन हो जाएं।

वहीं सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि पूरी राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। उनके निर्देश पर तहसीलदार केशव कुमार ने भालू गांव पहुंचकर परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शोक जताते हुए केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि कूटनीतिक स्तर पर प्रयास तेज कर आदित्य की पार्थिव देह को जल्द और पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाया जाए। उधर, हमीरपुर के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया है और भारतीय दूतावास से समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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Author: Desk

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