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हरियाणा: स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता ध्यान दें! CM सैनी ने कर दिया ये बड़ा ऐलान, अब खत्म होगी बड़ी टैंशन

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय दिशा कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार को देखते हुए नए स्कूल खोलने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक व्यापक सर्वे किया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहरी बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े और उन्हें घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

शिक्षा विभाग की प्रगति सांझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष स्कूल छोड़ चुके 34,000 बच्चों की पहचान की गई थी। इनमें से 18,796 बच्चों को 6 महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया और खुशी की बात है कि 15,386 बच्चे अब शिक्षा की मुख्यधारा में लौट आए हैं। इसके अलावा, फरीदाबाद के सैक्टर-37 में जल्द ही एक नए स्कूल भवन का निर्माण शुरू होगा। प्रदेश के हर जिले में ‘मॉडल संस्कृति स्कूल’ खोले जा रहे हैं। वहीं, युवाओं के लिए अंबाला में ‘स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी’ और नारनौल में ‘जिला लाइब्रेरी’ का निर्माण भी किया जा रहा है।

आवास योजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया गया कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ के तहत 98,726 मकान बनाने का लक्ष्य है। इसमें से 652 करोड़ रुपए की राशि से 76,275 मकान स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से 41,491 मकान बनकर तैयार हैं और बाकी निर्माणाधीन हैं। इसी तरह, ‘शहरी आवास योजना’ में 67,649 मकानों का लक्ष्य है, जिसमें से 703 करोड़ रुपये की लागत से 33,690 मकान बनाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने डॉ. बीआर अंबेडकर आवास योजना के तहत अनुसूचित जाति के परिवारों की आवेदन प्रक्रिया जल्द पूरी कर अगले माह तक राशि जारी करने के निर्देश भी दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हरियाणा को टीबी और एनीमिया मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। राष्ट्रीय कृमि मुक्त अभियान में राज्य ने 98% कवरेज हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में नेच्यूरोपेथी (प्राकृतिक चिकित्सा) सुविधाओं का विस्तार किया जाए और नागरिकों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए ज्यादा से ज्यादा जनऔषधि केंद्र खोले जाएं।

जल शक्ति अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों में ‘वाटर बॉडी’ (जल निकाय) बनाने की योजना तैयार करने को कहा, जिसके लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए हिसार ड्रेन और भिवानी ड्रेन को गहरा करने और उनके विस्तारीकरण का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

अमृत योजना-2 की समीक्षा में बताया गया कि 27 जल और 9 सीवरेज परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इसके अलावा, 59 बड़े गांवों में ‘महाग्राम योजना’ के तहत सीवरेज लाइनें बिछाई जा रही हैं। नई नगरपालिकाओं में भी पेयजल और सीवरेज पर काम चल रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में 66,000 शौचालयों का निर्माण किया गया है और सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने ‘हर घर गृहणी योजना’ का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही, ढाणियों (खेतों में बने घरों) में बिजली पहुँचाने की समस्या को हल करने के लिए नागरिकों को ‘सोलर सब्सिडी स्कीमों’ के बारे में जागरूक करने पर बल दिया, ताकि वे सौर ऊर्जा अपना सकें।

खेल विभाग के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 257 खेल स्टेडियमों के नवीनीकरण पर 314 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 1025 व्यायामशालाएं और इंडोर जिम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए कि व्यायामशालाओं में ट्रैक निर्माण को प्राथमिकता दी जाए ताकि ग्रामीण महिलाओं को सैर के लिए सुरक्षित और बेहतर स्थान मिल सके।

इस अहम बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सांसद धर्मबीर सिंह, सांसद नवीन जिंदल सहित कई विधायक मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, और वरिष्ठ अधिकारी राजा शेखर वुंदरू, विनीत गर्ग, जी. अनुपमा, अनुराग अग्रवाल उपस्थित थे। सभी जिलों के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

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